खेतड़ी (झुंझुनूं). राजस्थान में बाल विवाह और फिर विवाहिता पर जुल्मों सितम की एक दास्तां सामने आई है। पीडि़ता 12 वर्ष की उम्र में शादी के बाद दस वर्ष तक वह ससुराल में प्रताडऩा झेलती रही। पति और ससुर की ओर से दी जा रही प्रताडऩा को पिता ने भी गंभीरता से नहीं लिया।
वह बेटी पर लगातार ससुराल में ही रहने का दबाव बनाता रहा। आखिर विवाहिता ने अपने दोस्त की मदद से दिल्ली के महिला आयोग में गुहार लगाई। आयोग की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से विवाहिता को ससुराल से मुक्त करवाकर दिल्ली ले गई।
विवाहिता को दिल्ली के शेल्टर होम में भेज दिया गया है। वहीं विवाहिता की रिपोर्ट पर बुधवार को उसके पिता, पति और ससुर के खिलाफ प्रताडऩा का मामला दर्ज किया गया है। विवाहिता की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया है कि पिता ने उसकी इच्छा के विपरीत महज 12 वर्ष की उम्र में नांगलिया गुर्जरवास में उसकी शादी कर दी। उसका पति और ससुराल वाले उसका मानसिक और शारीरिक शोषण करते थे।
उसकी पिटाई भी की जाती थी। उसने अपने मायके वालों को यह जानकारी दी तो इसे अनसुना कर दिया गया। उसने जबरन ससुराल भेजा जाता रहा। विवाहिता की उम्र अभी 22 वर्ष है। उसका परिवार मूसनोता हाल दिल्ली में ही रहता है। खेतड़ी थानाधिकारी विक्रम सिंह राठौड़ का कहना है कि महिला आयोग, दिल्ली के माध्यम से मिली शिकायत पर विवाहिता के पति राजेश, ससुर विष्णुदत्त व पिता कैलाशचंद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपियों को जेल
खेतड़ीनगर. नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के प्रयास के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से आरोपितों को जेल भेज दिया गया।
थानाधिकारी किरणसिंह यादव ने बताया कि छाबडिय़ों का कुंआ तन जसरापुर निवासी महेन्द्र कुमार व झाबरसिंह की ढाणी तन जसरापुर निवासी श्रवण कुमार को न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि रविवार रात को नाबालिग छात्रा घर से खेत में शौच करने गई थी। इसी दौरान महेन्द्र गुर्जर व श्रवण कुमार राजपूत खेत के पास छिपे हुए थे। आरोपियों ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ शुरू कर दी तथा मुंह दबाकर खींच कर दूसरे खेत में ले गए। वहां पर आरोपियों ने दुष्कर्म करने का प्रयास किया।





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