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Sikar Firing Video : 6 गोलियां लगने के बाद भी हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला करता रहा यह काम, जानिए इसकी पूरी कुंडली

सीकर. सीकर में गुरुवार शाम को जिस शख्स मनोज ओला पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है। उसका अपराध का सफर काफी लम्बा है। फायरिंग के बाद जयपुर के अस्पताल में उपचाराधीन मनोज ओला की स्थित दूसरे दिन शुक्रवार को खतरे से बाहर बताई जा रही है। उधर, फायरिंग करने वालों की तलाश में सीकर पुलिस की कई टीमें रवाना की गई है।

 

जानिए कौन है हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला


-सीकर सदर थाना इलाके के गांव ओला की ढाणी निवासी मनोज ओला काफी समय से आंनदपाल गिरोह के सुभाष बराल गैंग के निशाने पर था।
-इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि मनोज ही इस गिरोह का सबसे सक्रिय बदमाश था जो जेल से बाहर था।
-राजू ठेहट,मोहन मांडेता व ओमा ठेहट के जेल जाने के बाद मनोज ही गिरोह को चला रहा था।
-मनोज ने ही हनुमान नाम के बदमाश के साथ मिलकर बीकानेर जेल मे आनंदपाल व बलबीर बानूड़ा को मारने के लिए हथियार पहुंचाए थे।
-जेल में हुई फायरिंग में आनंदपाल बच गया था और बानूड़ा मारा गया था। उस वारदात की पूरी साजिश मनोज ने ही रची थी।
-इसके अलावा जिले में फिलहाल ठेहट गैंक के सारे काम वही कर रहा था।
-सुभाष बराल इस वक्त जिले में आनंदपाल गैंग का मुख्य सरगना है और अलवर जेल में बंद है।
-ठेहट गिरोह के बदमाशों को वह लगातार निशाना बना रहा है।

गोलियां लगने के बाद भी करता रहा बात
मनोज ओला को 6 गोलियां लगी थी। डॉक्टर ने बताया कि 4 गोली उसकी जांघ में लगी और दो सीने में। इसके बाद भी वह लगातार बात करता रहा और पुलिस को भी पूरी कहानी बताई। जयपुर में आईजी वीके सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। जिस एंबुलेंस से मनोज को ले जाया गया वह काफी धीरे चल रही थी इस वजह से अखेपुरा टोल से उसे दूसरी गाड़ी में ले जाया गया।


शंकर जाजोद के साथ भी था सक्रिय
बीकानेर जेल में हथियार पहुंचाने के मामले में मनोज ओला गिरफ्तार हुआ था। उसके बाद जमानत पर छूट गया और शंकर जाजोद के साथ सक्रिय हो गया। नीमकाथाना में एक व्यापारी को ठेहट के नाम पर धमकी देने के बाद फिर से फरार हो गया था। जयपुर में एसओजी ने उसे एक रेस्टोरेंट से गिरफ्तार किया था।



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