उमेश मेनारिया/मेनार. उदयपुर जिले के बर्ड विलेज मेनार सहित आस पास के क्षेत्र में पिछले दिनों में हुई लगातर बारिश ने सिक्स लाइन निर्माण में बरती गई लापरवाही की पोल खुल रही है । नवानिया से लेकर मेनार तक करीब 5 किलोमीटर तक सड़क के दोनोंं तरफ खेत लबालब हैंं । मेनार डाक बंगला से वाना तक भी हालात जस के तस हैंं । बारिश के पानी से 400 बीघा जमीन पर फसलेंं डूब चुकी हैंं जो लगातर बारिश रहने पर सड़ने के कगार पर हैंं । हालात सिक्स लाइन निर्माण में सड़क के दोनोंं तरफ पानी की निकासी का मार्ग नहींं करने एवंं खुदाई के दौरान मिट्टी खेतोंं के पास डालने से हुए हैंं। सिक्स लाइन विस्तार के दौरान ठेकेदार ने किसी भी पुलिया के यहां से ना तो सफाई करवाई ना ही खुदाई के दौरान डाली गई मिट्टी को हटाया गया । ऐसे में नेशनल हाइवे 76 के डाक बंगला चाैैराहा पर जब पानी का भराव हुआ और लंबा जाम लगा तो नेशनल हाइवे के जिम्मेदारों ने सिर्फ डाक बंगला स्टेशन के यहां पानी भराव के मार्ग तो खुलवा दिया । लेकिन सड़क के पास खेतोंं के इलाकों वाले मार्ग के बंद रास्तोंं को नहीं खोला। इसी वजह से खेतों में बारिश का पानी भरा है वहां की जगह मलबे एवंं मिट्टी को नहींं हटाया गया । उल्टा चौराहे के मार्ग से पानी निकासी का रास्ता खेतोंं की तरफ कर दिया । उसे ही आगे की दूरी पर किसी जगह से मिट्टी को नहीं हटाया गया । इस कारण 400 बीघा खेतोंं की फसल खराब होने के कगार पर है। 2 -3 फीट पानी भरने से फसलेंं सड़ गयी हैंं ।
हाइवे निर्माण के ठेकेदारों ने सड़क के पास ना तालाब में पानी आने मार्ग को साफ किया ना ओवरफ्लो पानी जाने का वही पुलिया की जगह पर मिट्टी जस की तस पड़ी हुई है । नवानिया से मेनार समिति मार्ग , मेनार डाक बंगला चोराया , , कानावतो की होटल , राजश्री होटल के पास , इंटालि मार्ग , एस्सार प्रेटोल पम्प के सामने , तीन मुखी पुलिया , भानावतो की होटल , शिव सागर ढाबे के पास , साई प्रेटोल पम्प के सामने , मार्वल होटल ,रुन्डेड़ा कच्चा मार्च सहित अनेक जगहो की पुलिया के यहां खुदाई कि गई मिट्टी ऐसे ही पड़ी है इनके यहाँ से निकलने वाला बारिश का पानी खेतो में भरा है ।
जिम्मेदार बोले शिकायत से कुछ नहींं होगा लोकेशन नम्बर लिखवाने पर होगा समाधान
नेशनल हाइवे 76 पर कार्य कर रही कम्पनी टाटा के हेड ऑफ नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट के जय किरण ने किसानों की शिकायत पर कहा कि सड़क पर लिखे लोकेशन नम्बर बताने पर समाधान होगा । बल्कि इन्ही सभी जगहों पर इनकी सहायक कम्पनियों के लोग ही काम कर रहे है । आखिर पीड़ित किसान या कोई ग्रामीण 7 किलोमीटर तक सड़को पर लिखे नम्बर कैसे बताएगा । जो हाइवे निर्माण के टेक्निकल नम्बर है
ठेकेदारों के खिलाफ ग्रामीणो में आक्रोश
सड़क के पास खेतो में भरे पानी एवम् बन्द ब्लॉक और मिट्टी को खाली नहीं हटाने को लेकर ठेकदारों के खिलाफ ग्रामीणो में भारी आक्रोश है । ग्रामीणो ने काम बंद करवाने की चेतावनी दि है । ग्रामीणो ने जिला कलेक्टर , एसडीएम वल्लभनगर , नेशनल हाइवे कार्यालय उदयपूर ज्ञापन एवम् पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की लेकिन किसी जिम्मेदार ने इस ओर ध्यान नही दिया ।





No comments:
Post a Comment