मुकेश हिंंगड़/ उदयपुर. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलीट ने कहा कि मतदाता सूची में 42 लाख नाम ऐसे सामने आए है जिनके नाम, पिता का नाम, उम्र और घर का पता एक ही है ऐसे में निर्वाचन आयोग को उसकी जांच करनी होगी। पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी राजस्थान निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। चित्तौडग़ढ़ की संकल्प रैली के लिए उदयपुर आए पायलट गुरुवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हम निर्वाचन आयोग गए थे, हमने शिकायत करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से हमने जो वोटर लिस्ट निकाली है उसमें ४२ लाख ऐसे नाम है, जिनमें नाम, पिता का नाम, आयु सब एक ही ही है। इसके बाद हमने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आग्रह किया है कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के इन नामों की जांच करें, पायलट ने कहा कि उसमें एक ही घर के पते 100 से अधिक मतदाताओं के नाम में मिल जाएंगे, ऐसी संख्या हजारों में है। पायलट ने कहा कि वेबसाइट से जो मतदाता सूची हमने ली है, जो कुछ हमने देखा यह संभव ही है ऐसे एक ही नाम हजारों में हो जाए। पायलट ने कहा कि हमने एक शपथ पत्र देकर आयोग से आग्रह किया है कि इसकी जांच की जाए, मै फर्जी मतदाता होने का आरोप नहीं लगा रहा हूं, हम निर्वाचन आयोग से कह रहे है कि इसकी जांच करनी होगी, आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर हमारे लोकतंत्र की भावना जुड़ी है, जांच करनी होगी।
बीएलओ रिलीव नहीं किया तो काम कैसे किया
पायलट ने कहा कि मतदाता सूची के भौतिक सत्यापन करने वाले बीएलओ को लेकर उन्होंने एक आरटीआई लगवाई और निर्वाचन विभाग से पूछा कि कितने बीएलओ नियुक्त किए, उन्होंने जवाब नहीं दिया लेकिन सामने आया कि सरकार जिन सरकारी कर्मचारियों को बीएलओ लगाया उनको मूल विभाग से रिलीव ही नहीं किया, ऐसे में सवाल उठता है कि वे निर्वाचन आयोग का काम कैसे कर सकते है, उन्होंने इस सत्यापन पर भी सवाल उठाए। इन सब तथ्यों को हमने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा है। निर्वाचन आयोग को जनता का विश्वास जीतना चाहिए, चुनाव समय पर व निष्पक्ष हो।





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