गिड़ा. ग्राम पंचायत खोखसर मुख्यालय पर बीते 15 दिन से पानी की आपूर्ति बंद है। हीरा की ढाणी स्थित सार्वजनिक कुएं पर लगी मोटर बीते १० दिन से खराब है। ऐसे में गांवों की हो रही पानी की आपूर्ति बंद हो गई हैं।
समस्या को लेकर कर्मचारियों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवगत करवा दिया, वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि उन्हें इस मामले को लेकर अभी ही पता चल पाया है। पानी आपूर्ति को लेकर लापरवाही के चलते ग्रामीणों व पशुधन को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस बार क्षेत्र में बारिश नहीं होने के चलते परम्परागत जल स्रोत भी सूख गए हैं। ऐसे में लोग पूरी तरह से जलदाय विभाग पर ही निर्भर हैं। ऐसी स्थिति में जिम्मेदारों की लापरवाही आमजन पर भारी पड़ रही है।
सूचना भेजी है
&पानी आपूर्ति १० दिन से बंद है, हीरा की ढाणी में काम चल रहा हैं। एक दो दिन में ठीक हो जाएगी। बोरवेल पर लगी मोटर ७ दिन से खराब है। इसकी सूचना अधिकारियों को भेज रखी हैं।
- मांगीलाल, लाइनमैन, जलदाय विभाग खोखसर
मुझे अभी पता चला
&समस्या को लेकर मुझे अभी पता चला हैं। इसकी रिपोर्ट मंगवाता हूं, जल्द ही पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
- आरएल मीना, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग, बाड़मेर
खोखसर व आस-पास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में मवेशी प्यास बुझाने के लिए खोखसर पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों यहां पानी नहीं मिलने के चलते वे इधर-उधर भटकते रहते हैं। यहां गांव की होदी, पास ही बनी खेळी, कुएं तथा चौराहे पर बनी खेळियों सहित सार्वजनिक जगह पर बने जल कुंडों पर बड़ी संख्या में गोवंश मंडराते रहते हैं।
भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रहे बेसहारा गोवंश को देख यहां के ग्रामीणों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े। गांव के दानदाता सूरजमल गांधी केसुम्बला से पानी मंगवाकर सार्वजनिक कुंड में डलवाया। दो दिन बाद यह पानी अब खत्म हो गया है।
किसी ने नहीं ली सुध
बीते १० दिन से गांव के सार्वजनिक कुएं पर लगी मोटर खराब है। इसे ठीक करने को लेकर के कई बार विभाग के अधिकारियों को बताया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
- पदमाराम दर्जी, ग्रामीण
तरस रहा गोवंश
बड़ी संख्या में गोवंश सर्वजनिक जलाशयों पर तरस रही हैं। विभागीय अधिकारियों को शिकायत भी की, लेकिन अभीतक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
-दिनेखान मंगलिया, ग्रामीण खोखसर
गौरव यात्रा के बाद नहीं आया पानी
मुख्यमंत्री गौरव यात्रा के दौरान गांव में पानी की आपूर्ति हुई, लेकिन उसके बाद आपूर्ति नही हुई। पशुधन बिना पानी के जलाशयों के आस-पास भटक रहे हैं।
- चूनाराम जाखड़, ग्रामीण





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