नर्इ दिल्ली। डाॅलर के मुकाबले रुपए के लगातार गिरने से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट आ रही है। खास बात ये है कि सरकार अब विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने आैर चालू घाटे को रोकने के लिए आयात कम करने की भी बात कही है। जानकारों की मानें तो भारत के आयात कम करने से कोर्इ लाभ नहीं होगा। देश को निर्यात में बढ़ोतरी करनी होगी। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश की विदेशी मुद्रा भंडार कितनी रह गर्इ है?
विदेशी मुद्रा भंडार गिरा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह गिरा है और यह 07 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में 81.95 करोड़ डॉलर घटकर 399.28 अरब डॉलर रह गया। यह 03 नवंबर 2017 को समाप्त सप्ताह के बाद का इसका निचला स्तर है। इससे पहले 31 अगस्त को समाप्त सप्ताह में यह 1.19 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 400.10 अरब डॉलर रहा था।
10 महीने के बाद सबसे कम
विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर 17 नवंबर 2017 को समाप्त सप्ताह के बाद पहली बार 400 अरब डॉलर से नीचे आया है। इस साल 13 अप्रैल को विदेशी मुद्रा भंडार 426.08 अरब डॉलर के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुँच गया था, लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट देखी जा रही है। रिजर्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार, 07 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 88.74 करोड़ डॉलर घटकर 375.10 अरब डॉलर पर आ गया।
स्वर्ण भंडार भी घटा
स्वर्ण भंडार 7.19 करोड़ डॉलर बढ़कर 20.23 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आलोच्य सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 25 लाख डॉलर घटकर 2.47 अरब डॉलर तथा विशेष आहरण अधिकार 15 लाख डॉलर की गिरावट के साथ 1.48 अरब डॉलर रह गया।
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