नई दिल्ली। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार साल 2022 तक 100 अरब डॉलर से अधिक का होगा, जिसमें वर्तमान स्तर से 25 फीसदी की वृद्धि होगी। एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। पीडब्ल्यूसी और नैसकॉम द्वारा संयुक्त रूप जारी रिपोर्ट - 'ईकॉमर्स में वैश्विक नेतृत्व की तरफ भारत को बढ़ावा देना' में कहा गया है कि इस क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए देश में ई-कॉमर्स नीति को सुसंगत बनाने की आवश्यकता है। खास बात ये है कि र्इ-काॅमर्स सेक्टर में आने वाले दिनों में 10 लाख नौकरियां इंतजार कर रही हैं।
10 लाख नौकरियां होंगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स खंड में देश में साल 2023 तक 10 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा करने की क्षमता है। रिपोर्ट में कहा गया, "अगले पांच वर्षो में 35 अरब डॉलर का भारतीय ई-कॉमर्स बाजार 25 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है और 2022 तक 100 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा।" रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं में आनेवाले वर्षो में तेज वृद्धि होगी, हालांकि 90 फीसदी ई-कॉमर्स बाजार ई-टेल (इलेक्ट्रॉनिक रिटेल) और ई-ट्रैवल सेवा प्रदाताओं का होगा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
पीडब्ल्यूसी इंडिया के ग्लोबल टीएमटी टैक्स और इंडिया टेक्नॉलजी सेक्टर लीडर के भागीदार संदीप लड्डा ने कहा, "इस क्षेत्र में विकास का अगला चरण निर्बाध खरीदारी अनुभव, डिजिटल भरोसा तैयार करने, वॉयस आधारित या संवादात्मक कॉमर्स और स्थानीय कंटेट की इंवेट्री बनाने से होगा।"
कर रहे हैं अपने आपको अपडेट
वहीं दूसरी आेर र्इ-काॅमर्स कंपनियां इंडिसन मार्केट के हिसाब से अपने आपको अपडेट करने की कोशिश में लगे हुए हैं। कुछ ही दिन पहले अमजेन जैसी इंटरनेशनल र्इ-काॅमर्स कंपनी ने अपना हिंदी वर्जन लांच किया है। ताकि वो अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच को बना सके। आने वाले दिनों में कुछ आैर वेबसाइट्स भी इस तरह के कदम उठा सकती है। जहां एक आेर र्इ-काॅमर्स मार्केट में अपार संभावनाएं दिख रही हैं। वहीं दूसरी आेर बड़ा कांपटीशन भी देखने को मिल सकता है।





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