रोड पर टायर जलाकर किया प्रदर्शन
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की समझाइश
राजमार्ग पर लगी लम्बी कतारें
धोलापानी धोलापानी थाना इलाकेेे में एनएच 113 पर बुधवार सुबह एक पिकअप ने पैदल जाते वृद्ध को चपेट में ले लिया।इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगा दिया।इससे यहां करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। सूचना पर छोटीसादड़ी से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। समझाइश पर मामला शांत कराया।इस दौरान ग्रामीणों ने एनएच 113 पर टायर जलाकर विरोध जताया। मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
थानाधिकारी भवानीसिंह ने बताया कि बुधवार सुबह शंकरलाल(65) पुत्र गंगाराम मीणा निवासी जाखमियां सडक़ किनारे घर की ओर जा रहा था। इस दौरान पीछे से आ रही एक पिकअप ने चपेट में ले लिया।इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गइ।घटना के बाद पिकअप चालक पिकअप को लेकर मौके से फरार हो गया। इधर ग्रामीणों ने पिकअप का पीछा किया, लेकिन कोई सफलता हासिल नहीं हुई। घटना की जानकारी गांव में फैलते ही सैकड़ों लोग राजमार्ग पर घटनास्थल पर पहुंच गए और राजमार्ग को जाम कर दिया।टायर जलाकर प्रदर्शन किया। मृतक के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता एवं राजमार्ग पर विद्यालय के निकट ब्रेकर बनाने की मांग पर ग्रामीण अड़ गए। राजमार्ग जाम करने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इधर दुर्घटना में वृद्ध की मौत व राजमार्ग जाम की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी प्रकाशचंद्र रेगर, पुलिस उप अधीक्षक छोटी सादड़ी विजयपालसिंह, थाना अधिकारी, धोलापानी पुलिस मय जाब्ते के घटना स्थल पर पहुंचे।ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों को तुरंत सहायता दिलाने पर ग्रामीण अड़ गए। भीड़ ने बीच सडक़ पर टायर जला कर प्रदर्शन किया। इधर पुलिस और प्रशासन की डेढ़ घंटा समझाइश के बाद उपखंड अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष से शीघ्र ही सहायता राशि दिलाने एवं शीघ्र ही ब्रेकर बनाने के आश्वासन पर ग्रामीण माने। पुलिस व प्रशासन ने मार्ग सुचारू करवाकर शव को छोटी सादड़ी चिकित्सालय पहुंचाया। जहां पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
राजमार्ग पर लगाए जाम को खुलता नहीं देखकर वैकल्पिक मार्ग से आवागमन की व्यवस्था की गई। पुलिस ने कई वाहनों को धोलापानी थाने से धोलापानी गांव में होते हुए देवाकमाता, ढावटा, भंवरमाता होते हुए छोटी सादड़ी पहुंचाया।जिससे कुछ राहत मिली।





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