अलवर.
लंबे अर्से से बाघिन एसटी-5 के लापता होने के बाद हताशा के भंवर में डूबे सरिस्का बाघ परियोजना के अधिकारी रविवार को कैमरे में टै्रप एक फोटो को देखकर उछल पड़े। इस फोटो में तालवृक्ष रेंज में बाघिन एसटी-12 के साथ तीन शावक नजर आ रहे हैं। सरिस्का प्रशासन ने तीन शावकों की पुष्टि कर दी है। इससे पहले गत 28 अप्रेल को सरिस्का रेंज में बाघिन एसटी-14 ने दो शावकों को जन्म दिया था। सरिस्का में शावकों की संख्या बढक़र पांच हो गई है। सरिस्का में टाइगर की संख्या 12 है।
सरिस्का के डीएफओ हेमंत सिंह ने बताया कि तालवृक्ष रेंज में बाघिन एसटी-12 के तीन शावक कैमरे में ट्रैप हुए हैं। बाघिन की गत 7 जुलाई को साइटिंग हुई थी। बाघिन के शावकों को जन्म देने की संभावना के चलते उसकी टैरिटरी में कैमरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 25 कर दी गई। वहीं टीम को बाघिन की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। रविवार शाम को बाघिन एसटी-12 की टैरिटरी में लगे कैमरों के कार्ड की जांच की गई तो तीन शावकों के फोटो कैमरे में नजर आए।
28 अप्रेल को भी दो शावकों का जन्म
सरिस्का में गत 28 अप्रेल को सरिस्का में बाघिन एसटी-१४ के दो शावकों को जन्म देने की पुष्टि हुई थी। इस तरह अब सरिस्का में बाघों का कुनबा बढक़र 17 तक पहुंच गया है। इनमें पांच शावक व 12 बाघ-बाघिन हैं। एक बाघिन एसटी-5 गायब चल रही है।
पहले एक साथ जन्मे थे दो शावक
सरिस्का में एक साथ तीन शावकों का जन्म पहली बार हुआ है। इससे पूर्व सरिस्का की बाघिन दो शावकों को जन्म दे चुकी हैं। सरिस्का डीएएफओ सिंह का कहना है कि वर्ष 2004 के बाद सरिस्का में मॉनिटरिंग शुरू हुई है तथा कैमरे भी बाद में लगाए गए हैं। इस कारण पहले सरिस्का में एक साथ तीन शावकों के जन्म का कोई रिकॉर्ड नहीं है।





No comments:
Post a Comment