आऊवा/पाली। 1857 की अमर क्रांति का गवाह रहा आऊवा जिसे राजस्थान सरकार द्वारा 160 साल बाद पुन: गांव को उसका स्वाभिमान मां सुगाली की प्रतिमा को आऊवा पैनोरमा में स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही पूरे पैनोरमा में 1857 के महान क्रंतिकारियो का सचित्र वर्णन भी नजर आएगा। राजस्थान सरकार द्वारा बनाया जा रहा पैनोरमा में उन वीर क्रांतिकारियो की प्रतिमा स्थापित की जाएगी जिन्होंने 1857 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ युद्ध किया।
इसके साथ ही पैनोरमा में 24 स्वतन्त्र सेनानियों की प्रतिमा भी स्थापित की जा चुकी है, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने दो दिन की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर कोर्टमॉर्शल कर बंदूकों से मौत के घाट उतार दिया। हिंदुस्तान की ऐसी पहली घटना भी आऊवा में घटी। इसके साथ ही 1857 का राजस्थान का इतिहास भी पैनोरमा में नजर आएगा। माँ सुगाली की प्रतिमा व पैट्रिक लॉरेश की प्रतिमा भी पैनोरमा में नजर आएगी।
160 साल बाद आऊवा पहुंची माँ सुगाली की प्रतिमा
गांव का स्वाभिमान मां सुगाली की प्रतिमा भी आऊवा पैनोरमा में पहुंची। लखावत ने बताया कि गुह्यकालीन तंत्र में इस मूर्ति का विस्तार दिया हुआ है। ब्रिटिश जो मूर्ति उखाड़ कर ले गए उसे भी खंडित कर दिया गया था। अब हूबहू मां सुगाली की प्रतिमा जिसके 10 मस्तक 54 भुजा है वह भी आऊवा पहुंच चुकी है।
24 स्वतन्त्र सेनानियों की मूर्तिया भी पैनोरमा में की जा चुकी स्थापित
पेरोनमा में ब्रिटिश सरकार द्वारा मात्र दो दिन की न्यायिक प्रक्रिया पुरी कर क्रान्तिकारियो को बंदूकों से मौत के घाट उतार दिया उन स्वन्त्र सेनानियों की प्रतिमा भी आऊवा पैनोरमा में स्थापित की जा चुकी है।
पैनोरमा में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सहित पूरे राजस्थान की क्रांति का भी वर्णन
मेला चौक में बन रहा 1857 की क्रांति का पैनोरमा में आऊवा के इतिहास के साथ पूरे राजस्थान की क्रांति का भी सचित्र वर्णन किया जाएगा। जिसके लिए पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई व तात्या टोपे का इतिहास भी पैनोरमा में नजर आएगा।





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