बैंक के खाताधारकों को 4 सितम्बर तक का मिलेगा ब्याज
भीलवाड़ा ।
भीलवाड़ा महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक के खाताधारकों को 4 सितम्बर तक जमा पूंजी पर ब्याज दिया जाएगा, लेकिन यह तभी संभव होगा जब खाताधारकों के खातों में केवाईसी पूरी होगी। ऐसा नहीं होने पर बैंक की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की सब्सीडियरी इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआइसीजीसी) में क्लेम नहीं किया जा सकेगा। बिना क्लेम जमा राशि नहीं मिलेगी। यह बात अतिरिक्त रजिस्ट्रार, अजमेर जीएल गुप्ता ने कही। गुप्ता गुरुवार को बैंक लिक्विडेटर (समापक) व उप रजिस्ट्रार पारसमल जैन सहित अन्य कर्मचारियों के साथ बैंक का लाइसेंस निरस्त होने से अब तक स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने हर खाते की केवाईसी सितंबर के अंत तक पूरी करने के निर्देश दिए।गुप्ता ने पत्रिका को बताया कि ऋण वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। खाताधारक की सम्पत्ति भी नीलाम की जा सकती है। जब तक ऋण वसूली नहीं होने पर खाताधारकों को एक-एक लाख से अधिक का भुगतान नहीं हो सकेगा। अब तक ११०० खातों में केवाईसी करीब २७ हजार तीन खाताधारकों में से लगभग ७५०० खाते ऐसे हैं जिनकी केवाईसी नहीं है। इन खाताधारको से केवाईसी पेश करने के लिए कहा गया था, लेकिन अब तक ११०० ने ही दस्तावेज पेश किए है। बैंक की कांकरोली शाखा में एक भी खाताधारक ने केवाईसी पेश नहीं की है। भीलवाड़ा में ६००, गुलाबपुरा में २०० तथा पुर शाखा में ३०० खाताधारकों मे केवाईसी दी है।
फिलहांल मिलेंगे एक-एक लाख
गुप्ता ने बताया कि बैंक की मुख्य शाखा सहित तीन शाखाएं हैं। अधिकांश खाते एक ही व्यक्ति के नाम से दो से अधिक हैं। इनको मर्ज करने के बाद हर खाताधारकों को फिलहाल एक-एक लाख रुपए मिलेंगे। ऋणियों से वसूली के बाद ही भुगतान मिल सकेगा। बैंक से जुड़े २५,५५० खाताधारकों के खातों में एक रुपए से लेकर एक लाख तक की राशि जमा है। इन को ४ सितम्बर तक का ब्याज भी मिलेगा। एक लाख से अधिक होने पर केवल एक लाख ही मिलेंगे। खाताधारकों को एक-एक लाख रुपए लौटाने के लिए कम से कम ४० करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। बैंक के पास १३.४० करोड़ ही हैं। बैंक को डीआइसीजीसी में २६ करोड़ से अधिक का क्लेम करना होगा।
यह है मामला
आरबीआइ ने २३ अगस्त को बैंक का लाइसेन्स निरस्त करने के आदेश जयपुर स्थित आरबीआइ कार्यालय को दिए थे। २७ अगस्त को आरबीआइ ने नोटिस जारी किया। इसे अधिकारियों ने ३१ अगस्त को बैंक के सीईओ को थमाते हुए लाइसेंस निरस्त करने की सूचना दी। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार ने ४ सितम्बर को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) को बैंक को अवसायन में लेते हुए लिक्विडेटर लगाने के आदेश दिए थे। इस पर भीलवाड़ा उप रजिस्ट्रार पारसमल जैन को लिक्विडेटर लगाया गया।





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