कोटा. नगर निगम और मेला समिति भले ही राष्ट्रीय दशहरा मेले का भव्य आयोजन करने की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन मेले में दुकान लाने वाले व्यापारियों ने दुकानों के ऑनलाइन आवंटन प्रक्रिया से ही हाथ खींच लिए हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कराने की तिथि निकल गई है, तिथि नहीं बढ़ाई तो मेला खाली रहेगा। मेला समिति ने आयुक्त से दुकानों के आवंटन पत्र जमा कराने की तिथि बढ़ाने की मांग की है।
दशहरा मैदान में कुल 745 दुकानें हैं। इसमें नॉर्थ जोन में 635 दुकानें हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक तरीके से दुकानों का निर्माण किया गया है। इस बार निगम ने दुकानों आवंटन की जगह नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका पुराने व्यापारियों ने विरोध किया। मेला व्यापार संघ के बैनर तले मेला व्यापारी पिछले एक सप्ताह से आंदोलित हैं, लेकिन अभी तक दुकानों के आवंटन पर कोई सहमति नहीं बनी है। उधर, निगम ने दुकानों के आवेदन ऑनलाइन ही मांगे थे। अंतिम तिथि तक केवल 120 ही आवेदन जमा हुए हैं। सभी आवेदक नए व्यापारी हैं।
तो खाली रह जाएगा मेला
राजस्व समिति के अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने आयुक्त से दुकानों के आवेदन पत्र जमा कराने की तिथि बढ़ाने की मांग की है। लल्ली का कहना है कि यदि पुराने व्यापारी मेले में नहीं आएंगे तो मेला खाली रह जाएगा। आयुक्त का कहना है कि आवेदन पत्र जमा कराने की तिथि बढ़ाने के संबंध में व्यापारी प्रतिनिधि मण्डल नहीं आया है। यदि व्यापारी आएंगे तो इस पर विचार किया जाएगा।
निगम ने जब्त किया चारा, पशुपालकों को चेताया
कोटा.
नगर निगम के दस्ते ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सड़कों के किनारे पर चारा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
आयुक्त जुगल किशोर मीना ने बताया कि दस्ते ने रंगबाडी में दण्डवीर हनुमान मन्दिर के पास विक्रेताओं से चारा जब्त किया। उसके बाद घटोत्कच चौराहे से झालावाड़ रोड तक जाने वाले मार्ग पर दस्ते ने कार्रवाई कर 4 चारा विक्रेताओं का चारा जब्त किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए फोगिंग कराई गई।





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