बाड़मेर.
जिला स्तरीय जनसुनवाई में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले फरियादी निराश हो रहे हैं। यहां उनकी बात तक नहीं सुनी जाती। केवल ज्ञापन लेकर रवाना कर दिया जाता है। बेबस फरियादी के पास फिर से आने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। यही हाल गुरुवार को अटल सेवा केंद्र में नजर आया।
पहले जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे संबंधित समस्या पर तत्काल जबाव तलब होता था। उपखंड पर मौजूद अधिकारियों को हाथो-हाथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से फरियादी के सामने ही समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए जाते थे। लेकिन अब ऐसी स्थिति कम ही नजर आती है। फरियादी से उसकी समस्या का ज्ञापन ले लिया जाता है, और अगले को बुला लिया जाता है। फरियादी सोचता रह जाता है कि उसे तो अपनी बात कहनी थी, लेकिन अधिकारी उसे चलता कर देते हैं।
बार-बार आने की पीड़ा
जिला मुख्यालय के अटल सेवा केंद्र में गुरुवार को जनसुनवाई में आए अधिकांश फरियादियों की पीड़ा यह थी कि बार-बार आने के बाद भी कुछ भी नहीं होता है। एक भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। दूर-दराज क्षेत्र से आने-जाने का खर्चा और काम की छुट्टी करनी पड़ती है। गांवों से बाड़मेर आने-जाने में पूरा दिन लग जाता है। अन्य खर्च हो जाते हैं वह अलग ही है। इस तरह की पीड़ा को उजागर करते हुए कई फरियादियों ने अपना दुखड़ा सुनाया।
अब तो आने की हिम्मत ही नहीं रही
कुछ फरियादियों का कहना था कि काम नहीं होने पर वैसे ही बार-बार आ रहे हैं। सोचते हैं अगली बार फिर आ जाएंगे। उम्मीद रखते हैं कि शायद काम हो जाएगा। वहीं एक-दो फरियादी बोले कि अब तो आने की हिम्मत ही नहीं रही। कब तक अधिकारी हमसे चक्कर लगवाते रहेंगे।
फरियादियों की समस्याएं
— देदूसर से आए ग्रामीण आबादी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग लेकर पहुंचे। वे बोले दूसरी बार यहां आए हैं।
— पटवार मंडल सवाऊ पदमसिंह के ग्रामीणों ने फसल बीमा क्लेम राशि दिलाने की फरियाद की।
— सिणधरी क्षेत्र के चम्पा भाखरी से पहुंचे ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं के समाधान की मांग की।
— देदूसर के ग्रामीणों ने सहकारी समिति देदूसर से फसल ऋण दिलवाने की मांग की।





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