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बारिश में बह गईं बम्पर उत्पादन की उम्मीदें

करौली. इस बार खरीफ फसल के दौरान बम्पर उत्पादन की उम्मीदें बारिश में बह गईं। मानसून की अधिक मेहरबानी होने से खेतों में लहलाई फसल को ग्रहण लग गया। शुरूआती दौर में किसानों को बम्पर पैदावार की उम्मीदें थी लेकिन कसान अब निराश हैं।

कृषि विभाग भी अच्छी बारिश के चलते जिले में लक्ष्य के अनुरूप फसल उपजने की आस में था, लेकिन अंतिम दौर में हुई बारिश ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इस माह में हुई बारिश से जिले में बाजरा-तिल की फसल के नुकसान को कृषि विभाग ने भी अपनी सर्वे रिपोर्ट में माना है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मानसून के अंतिम दौर की बारिश से जिले में फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कृषि विभाग के अनुसार गत दिनों सहित इससे पहले हुई बारिश के कारण जिलेभर में तिल व बाजरा की फसल में नुकसान
हुआ है। इसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को प्राप्त हुई है। इसमें विशेष रूप से तिली की फसल पर बारिश ने कहर बरपाया है। फील्ड स्टाफ से प्राप्त हुई इस रिपोर्ट को कृषि विभाग के जयपुर मुख्यालय भेजा गया है।

तिली पर बरपा कहर
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस बार कुल 1 लाख 32 हजार हैक्टेयर में बाजरा बोया था, जिसमें से 32 हजार 829 हैक्टेयर में बाजरे की फसल प्रभावित हुई है। वहीं जिले में 18 हजार 600 हैक्टेयर में तिल की फसल की बुवाई की थी, जिसमें से 10 हजार 980 हैक्टेयर क्षेत्र में तिली प्रभावित हुई है।

बाजरे में कितना-कहां नुकसान
जिले में तहसीलवार बाजरे की फसल में हुए नुकसान पर नजर डालें तो करौली में 20 से 35 प्रतिशत नुकसान, मासलपुर में 10 से 20 प्रतिशत, सपोटरा में 10 से 70 फीसदी, मण्डरायल में 35 से 55 प्रतिशत, हिण्डौन में 20 से 30 प्रतिशत, टोडाभीम में 10 से 15 प्रतिशत, नादौती में 20 से 30 प्रतिशत का नुकसान माना गया है।

तिली में नुकसान की ये रही स्थिति
मौसम की मार से जिले में तिली पर ज्यादा असर पड़ा है। करौली तहसील क्षेत्र में 50 से 80 प्रतिशत तक तिली में नुकसान हुआ है। वहीं मासलपुर में 12 से 30 फीसदी, सपोटरा में 30 से 85 प्रतिशत, मण्डरायल में 10 से 30 प्रतिशत, हिण्डौन में 45 से 50 प्रतिशत, टोडाभीम में 20 से 25 प्रतिशत तथा नादौती तहसील क्षेत्र में 31 से 67 फीसदी नुकसान का कृषि विभाग की ओर से आंकलन किया गया है।
सर्वे रिपोर्ट मिली है
जिले में हुई बारिश के बाद विभाग के फील्ड स्टाफ से फसलों की रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। यह रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जिसमें फसल उत्पादन और नुकसान की रिपोर्ट शामिल है। रिपोर्ट को उच्चधिकारियों को भेजा गया है।
चेतराम मीना, कृषि अधिकारी, करौली



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