सिरोही. फोरलेन हाइवे पर मातर माता पहाड़ी में टनल का एक मुहाना करीब एक माह से बंद है। बावजूद इसके वाहन चालकों से पूरा टोल वसूल किया जा रहा है। दरअसल, बारिश के समय करीब एक माह पहले टनल के एक मुहाने पर मलबा गिर गया था। जिससे टनल में एक रास्ते का आवागमन बंद कर दिया गया था। वहीं वाहनों को वन-वे से निकालाना शुरू किया था। लेकिन अब तक टनल का दूसरा रास्ता सुचारू नहीं किया गया है। जिससे छोटे एवं बड़े वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, टनल पर श्रमिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन टनल के मुहाने पर पड़े मलबे को नहीं हटाया जा रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को भारी भरकम टोल टैक्स चुकाने के बावजूद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार टनल पूरी तरह से बंद होने के बावजूद टोल टैक्स लिया जाता है।
टनल के बाहर कर दिया डायवर्जन
बाहरीघाटा हनुमान मंदिर से शिवगंज की ओर जाने वाले मार्ग पर टनल के थोड़ी दूर पर ही सड़क को डायवर्जन कर वन-वे चलाया जा रहा है। ऐसे में बड़े वाहनों के अचानक मुडऩे से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
किनारों पर फैली मिट्टी
फोरलेन पर कईजगह सड़क की पटरियों पर मिट्टी पड़ी है। इससे दुपहिया वाहन चालकों की दुर्घटना होने की आशंका रहती है।
मलबे में दबने से चार की हो चुकी है मौत
टनल के मुहाने पर मलबा गिरने से जून में चार श्रमिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बारिश की सीजन में भी मलबा गिरता रहता है। इतना कुछ होने के बावजूद जिम्मेदार टोल वसूली की ओर ज्यादा ध्यान देते हैं।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में अम्बाजी बंद जारी
आबूरोड. गुजरात के शक्तिपीठ में अम्बाजी में भादरवी पूनम मेले को लेकर राज्य सरकार के पॉलीथिन बंद व पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में पिछले कुछ दिनों से जारी बाजार बंद सोमवार को भी जारी रहा। पिछले दिनों सरकार के भादरवी पूनम के मेले में पॉलीथिन बैग्स पर लगाए गए प्रतिबंध के निर्णय के खिलाफ चार दिन पूर्व व्यापारियों ने बंद का आह्वान किया था।इस दौरान व्यापारियों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन कर आक्रोशभी जताया था। जिसकों लेकर पुलिस ने पूर्व में व्यापारियों के हाइवे जाम करने व सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में बीस व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें नौ व्यापारियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की थी व अन्य की तलाश के लिए धरपकड़ के प्रयास भी किए जा रहे थे। जिसको लेकर सोमवार को खोडिय़ार चौक पर व्यापारियों ने बैठक कर पुलिस की इस दण्डात्मक कार्रवाई की कड़ी आलोचना की व आगे की रणनीति तैयार की गई। चौथे दिन भी बाजार बंद होने से लोगों व अम्बाजी मंदिर आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अम्बाजी स्थित भोजन शाला के प्रबंधक जसवंतसिंह ने बताया कि गत चार दिनों में करीब पैंतीस हजार लोगों को भोजन करवाया गया है।





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