नई दिल्लीः शराब कारोबारी विजय माल्या उस बयान के बाद हंगामा मच गया है जिसमें उसने देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने की बात कही थी। सफाई देने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली खुद सामने आए हैं। ट्विटर पर वित्त मंत्री ने माल्या के दावे को झूठा करार दिया है। जेटली ने कहा है कि माल्या का सेटलमेंट संबंधी दावा बिल्कुल ही गलत है। ट्विटर पर जेटली ने लिखा है कि साल 2014 के बाद से मैंने विजय माल्या कोई मुलाकात नहीं की है। उन्होंने कहा कि संसद में माल्या से उस वक्त मुलाकात हुई थी जब वह राज्यसभा के सदस्य थे। उधर, जेटली के इस बयान के बाद विजय माल्या ने भी सफाई दी है। माल्या ने कहा कि जेटली से कोई औपचारिक मुलाकात नहीं थी। उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
The statement of Vijay Mallaya that he met me & offered settlement is factually false in as much as it does not reflect truth. Since 2014, I have never given him any appointment to meet me and the question of his having met me does not arise.
— Arun Jaitley (@arunjaitley) September 12, 2018
माल्या के बयान पर विपक्ष सरकार पर हमलावर
उधर, माल्या के इस खुलासे के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला बोलना शुरु कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि पीएम मोदी चौकीदार नहीं भागीदार हैं तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वित्त मंत्री ने आखिर देश से यह बात क्यों छिपायी। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, देश छोड़ने से पहले नीरव मोदी की प्रधानमंत्री से बैठक और माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली से मीटिंग से क्या साबित होता है, यह लोग जानना चाहते हैं।
PM Modi meets Neerav Modi before he flees the country. FM meets vijay mallya before he flees India. What transpired in these meetings? People want to know.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 12, 2018
कोर्ट के बाहर माल्या ने लिया वित्त मंत्री का नाम
इससे पहले शराब कारोबारी विजय माल्या ने कहा था कि देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरूण जेटली से मुलाकात की थी इसके बाद ही विदेश गया था। कोर्ट के बाहर माल्या ने बताया कि वित्त मंत्री से मिलकर सेटलमेंट करना चाह रहा था लेकिन बैंकों की आपत्ति की वजह से समझौता नहीं हो पाया था। कोर्ट के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए माल्या ने कहा कि वह भारतीय बैंकों का पैसा वह चुकाने के लिए तैयार है। माल्या ने कहा कि अपने बकाए को सैटल करने के लिए उन्होंने बैंकों को कई बार पत्र लिखे थे, लेकिन बैंकों की तरफ से उनके पत्रों पर सवाल खड़े किए गए।





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