सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी के तीन दिवसीय मेले का शुक्रवार को समापन हो गया है। हालांकि श्रद्धालुओं के आनेे का सिलसिला शाम तक जारी रहा, लेकिन अधिक भीड़ नहीं थी, जो लोग चतुर्थी पर दर्शन नहीं कर पाए वे शुक्रवार को मंदिर पहुंचे। मेले में विभिन्न जिलों से लगाया गया जाप्ता भी यहां से शाम को रवाना हो गया। भण्डारे, प्याऊ व छाया के लिए लगाए गए टैंट भी हटा लिए गए। गणेश धाम पर लगी दुकानों पर आस-पास के क्षेत्र की महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन व घरेलू सामान की खरीदारी की।
गायकों ने किया मुग्ध, तड़के तक जमे रहे श्रोता
गणेश चतुर्थी पर मेले में गुरुवार रात हुई भजन संध्या में करीब एक दर्जन से अधिक गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। शुक्रवार तड़के मंगलाआरती तक कार्यक्रम चलता रहा। गायक कलाकारों ने इस दौरान 'डूंगर चढ़ता-चढ़ता चाल गणपति के दरबार मेंÓ, 'मेरे लाडले गणेश प्यारे-प्यारेÓ, 'जय बोलो गणेश देवा कीÓ, 'तेरा दरबार यूं ही सजता रहेÓ, 'बेग्या आज्यो जी गजानंदÓगणपति बप्पा मोरिया आदि भजनों की प्रस्तुति देकर गणेशजी को रिझाया।
अब सफाई की बारी
मेले के दौरान रणथम्भौर पार्क व गणेश धाम के आस-पास क्षेत्र में गंदगी फैल गई। अब इसकी सफाई भी बड़ी चुनौती है। हालांकि नगर परिषद व पंचायत की ओर से गणेश धाम पर फैली गंदगी की सफाई शुरू कराई गई। साथ ही मुुख्य मेले के दिन नगर परिषद के सफाई वाहनों ने अधिकांश गंदगी को उसी दिन साफ कर दिया था। इसके बाद भी गणेश मार्ग में जूठन व अपशिष्ट पदार्थों की दुर्गंध उठ रही है। लोगों का कहना है कि तेज बारिश हो जाती है तो गंदगी स्वत: ही साफ हो जाएगी। लोग गणेश मेले के दौरान भी तेज बारिश होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन बारिश नहीं हुई।
सवाईमाधोपुर गणेश मेले के अंतिम दिन गणेशजी के दर्शन करने आए श्रद्धालु।





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