कोटा.
जेके लोन अस्पताल में तीमारदार और चिकित्सक के बीच मारपीट की घटना होने के बाद रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने चिकित्सकों की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की। एसोसिएशन ने प्राचार्य को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा और सात दिन में मांग पूरी करने को कहा। ऐसा न होने पर आरडीए ने पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। लेबर रूम में बुधवार को तीमारदार और चिकित्सक के बीच मारपीट की घटना के बाद आरडीए ने गुरुवार को एसोसिएशन की जर्नल बॉडी की बैठक बुलाई। इसमें सभी चिकित्सकों ने जेके लोन हॉस्पिटल, एमबीएस और न्यू मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। सर्वसम्मति से छह प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक के बाद पदाधिकारियों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंप सात दिन में मांगें मानने का आग्रह किया। ऐसा न करने पर आरडीए ने २७ सितम्बर को पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ये महत्वपूर्ण मांगें
-तीनों अस्पतालों में मरीजों को गेट पास जारी किए जाएं, सिर्फ दो तीमारदारों को ही अस्पताल आने की इजाजत हो। तीमारदारों के आने का भी समय तय किया जाए।
-इमरजेंसी मेन गेट पर पूछताछ केंद्र स्थापित किया जाए। सीसीटीवी कैमरे लगें, पहले से लगे कैमरे ठीक कराएं।
- वार्ड ब्वाय से लेकर नर्सिंग कर्मियों, स्वीपर और बाकी स्टाफ का ड्रेस कोड लागू किया जाए।
- जेके लोन हॉस्पिटल के लेबर रूम में सेंपल लेने और जांच का काम करने के लिए एक-एक वार्ड लेडी तैनात की जाए।
-हॉस्पिटल में इंटरकॉम और माइक सिस्टम का भी इंतजाम किया जाए, ताकि आपात स्थिति में कर्मचारियों को पहुंचने के निर्देश दिए जा सकें।
शुक्रवार से बांधेंगे काली पट्टी
आरडीए अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंदोलिया ने बताया कि चिकित्सक से मारपीट की घटना के विरोध में तीनों अस्पतालों के रैजीडेंट शुक्रवार से काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इस दौरान आरडीए उपाध्यक्ष डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. सीएल दयामा, महासचिव डॉ. सीताराम यादव, डॉ. मनोज डूडी, सयुंक्त सचिव डॉ. गिरिराज राठौर, डॉ. मनोज मीना, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. विनीत गुप्ता, डॉ. कुलदीप सोनी, डॉ. अल्का मौर्या, डॉ. गरिमा गोयल, डॉ. मुकेश छीपा, डॉ. सुरेश, डॉ. मीनाक्षी यादव, डॉ. अभिषेक शर्मा, डॉ. सावरलाल ढ़ाका, डॉ. राकेश भारत और डॉ. चांदराम आदि रेजीडेंट मौजूद रहे।





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