धीरेंद्र जोशी/उदयपुर. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान सिर्फ राजस्थान ही नहीं भारत का नाम विश्व में रोशन कर रहा है। इस अभियान से प्रदेश का भू-जल स्तर गत कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है।
यह बात राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीराम वेदिरे ने कही। वेदिरे गुरुवार को उदयपुर प्रवास पर थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने अब तक अभियान के तहत किए गए कार्यों का लेखा-जोखा भी पेश किया। वही इस दौरान वेदिरे ने कहा कि प्रदेश की स्थिति बीते कुछ समय में काफी बदल गई है जो प्रदेश देशभर में सूखे प्रदेश के नाम से पहचाना जाता था वहां पर अब भू-जल स्तर में बीते कुछ सालों में 4 फीट 6 इंच का इजाफा हुआ है जो विश्व रिकॉर्ड है। इस सुधार के बाद हिंदुस्तान ही नहीं विश्व के कई देश मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान को उनके देश में लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। बहुत जल्द इस अभियान को बड़े स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
चौथे चरण का सर्वे ड्रोन से
इस अभियान के चौथे चरण का सर्वे शुरू हो गया है। इस सर्वे की खास बात यह है कि यह सर्वे सेटेलाइट और ड्रोन के माध्यम से किया जा रहा है। जानकारी देते हुए वेदिरे ने बताया कि अभियान के आगामी चतुर्थ एवं पांचवें चरण के कार्यों का सर्वे ड्रोन से किया जाएगा। इससे समय और मानवश्रम दोनों की बचत होने के साथ ही गुणवत्ता भी सही रहेगी।
यहां पहुंचा दल
झल्लारा पंचायत के देवद में लगभग 75 हेक्टेयर क्षेत्र में 12 एमपीटी एवं कई स्ट्रगर्ड ट्रेंचेज का निर्माण हुआ है। अभियान के तहत बनी इन जल सरंचनाओं में वर्षा काल में आए पानी से भूजल स्तर में सुधार हुआ है। पीजोमीटर से नापने पर 1 मीटर से भी कम गहराई पर जलस्तर मिला जो कि इन संरचनाओं के निर्माण से पहले 15 मीटर गहराई तक था। इस अवसर पर कलक्टर बिष्णुचरण मलिक, जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी, वाटर शेड अधीक्षण अभियंता सीएल सालवी, नई दिल्ली स्थित राजस्थान सूचना केन्द्र के अधिकारी गोपेन्द्रनाथ भट्ट सहित अन्य अधिकारी एवं झल्लारा प्रधान, मातासुला व भबराणा सरपंच सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
20 हैक्टेयर में 25000 पौधे रोपे
मातासुला ग्राम पंचायत के जड़ाव में 20 हैक्टेयर वन भूमि पर लगभग 25000 पौधों का रोपण किया गया है। यहां पर 3 एमपीटी भी बनाए गए हैं। जिला वन अधिकारी (दक्षिण) आरके जैन ने अभियान के तहत हुए कार्यों के बारे में मीडिया दल को विस्तार से बताया।
हरियाली बढ़ी
महेंद्र सिंह भोपावत ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए एमपीटी से आसपास की पहाडि़यां हरि-भरि रहने लगी है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष कुओं में भी पानी अधिक है। इससे लंबे समय तक सिंचाई के लिए और पीने के लिए पानी उपलब्ध होगा।
फसलों को नहीं होगा नुकसान
विजयलाल मीणा ने कहा कि एमपीटी होने से इस बार खेतों में फसल लहलहा रही हैं। हर बार चने की फसल के लिए केवल बारिश पर आश्रित रहते हैं, लेकिन इस बार भू-जल प्रचूर मात्रा में है एेसे में पानी की कमी से फसल को नुकसान नहीं होगा।
पशुओं को भी मिला पानी
रामलाल ने बताया कि एमपीटी से पशुपालन में भी सहयोग मिल रहा है। पशुओं के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से सहयोग मिल रहा है। इसके साथ ही पहाडि़यों पर भी चारा उग रहा है। जो पशुओं के चरने में सहयोगी है।





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