भीलवाड़ा ।
भाजपा सरकार के साढ़े चार साल में कराए गए विकास कार्यो के साथ केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा कर चुनाव से पहले आम जन का मानस को मतों में परिवर्तित करने के लिए यात्रा निकाली जा रही है। वही राज्य कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर होने से आम जन के काम नहीं हो रहे है। अब कर्मचारी भी भजन मण्डली के साथ भजन गाने में लगे है। कर्मचारी भी अब कहने लगे है कि अब तो हट छोड़ो, मान लो कर्मचारियों की बात। दफ्तर सूने, जनता दुखी, कैसे बनेगी यो अब बात। इसे लेकर आम जन भी अब कर्मचारियों का साथ देने लगे है।
मंत्रालियक कर्मचारी संघ अध्यक्ष गोपाल स्वरूप वैष्णव व महासध के जिलाध्यक्ष पंकज मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र लिखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राजस्थान में गौरव यात्रा निकालकर जिन योजनाओ को जनहित में बताया जा रहा है। उसी योजना को मूर्त रूप देने वाला मंत्रालयीक कर्मचारी अपने मांग पत्र के लिए पंचायत, तहसील, जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी के कार्यालय के ताले लगाकर जयपुर में बैठकर सरकार को कोसने में लगे है। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कर्मचारी वर्ग को राहत देने की बात कहीं थी। लेकिन सत्ता में रहते हुए कोई भी घोषणा कर्मचारियों की पूरी नहीं की गई।
मंत्रालयीक कर्मचारी ही नही रोडवेज, कृषि, जलदाय, पंचायतीराज विभाग, लेखा ओर राजस्थान अधिन सेवा, प्रशासनिक अधिकारी तक अपनी मांगो के लिए अपनी नाराजगी सरकार के प्रति जाहिर कर धरने प्रदर्शन करते हुए महापडाव की शक्ल में बदल गए है। राजस्थान का मंत्रालयीक कर्मचारी ओर अन्य केडर अपनी मांगो के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जयपुर में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे है।
राजस्थान सहकारी अधीनस्थ सेवा एसोसिएशन के द्वारा ग्रेड पे 3600 की विसंगती को दूर कर 4800 किए जाने के सम्बंध में सरकार के विभिन्न स्तरों पर तथा विभिन्न माध्यमों के द्वारा कई प्रयास पूर्व में किए जा चुके हैं। सरकार की ओर से मांगों की उपेक्षा कर सभी सहकारिता निरीक्षको के सम्मान को चोट पहुंचाई गई है। सहकारी अधीनस्थ सेवा एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने निर्णय पारित किया की ग्रेड पे विसंगती को दूर कर 4800 किए जाने एवं अन्य राज्य अधीनस्थ सेवा संघो की मांगों के समर्थन में शुक्रवार से सहकारिता निरीक्षक सामूहिक अवकाश पर है।





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