किसान नहीं बेच पा रहे सब्जियां
बडग़ांव. कस्बे में ओरण भूमि से केबिन हटा देने को बाद सब्जी मंडी के अस्तित्व पर संकटके बादल मंडरा रहे हैं। रविवार को किसानों ने सड़क पर सब्जी फेंकी तथा नारेबाजी करते हुए रोष जताया।साथ ही सब्जी मंडी के लिए अलग से जगह आवंटित करने की मांग रखी।
जानकारी के अनुसार गत ४ सितम्बर को ओरण भूमि में रखे केबिन हटा दिए थे।इसके बाद से सब्जी मंडी का संचालन भी बंद हो गया।रविवार को किसानों ने अपनी उपज सड़क पर डाल दी तथा राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थायी सब्जी मंडी के लिए भूखंड आवंटित करने की मांग रखी। बताया गया कि सब्जी विक्रेता कुछ साल पहले मुख्य सड़क पर ही सुबह तीन घंटे तक मंडी लगाकरव्यापारकरते थे। मुख्य सड़क होने से सवेरे वाहनों का जाम लग जाता था।सब्जियों के कारण पशुओं का भी जमघट रहता था। परंशानी बढऩे पर करीब सात साल पूर्व ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव लेकर सरकारी अस्पताल के पीछे सरकारी जमीन में अस्थायी सब्जी मंडी लगाने के लिए केबिन रखवाए। वर्तमान में ओरण भूमि पर अस्थायी रूप से सब्जी मंडी चल रही थी।प्रशासन ने इसे अतिक्रमण मानते हुए हटवा दिया। आंदोलन के कारण दो दिनों से सब्जी मंडी का संचालन नहीं हो रहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
क्षेत्र के अधिकतर किसान सब्जियों की उपज पर ही निर्भर है। क्षेत्र में टमाटर, हरी मिर्च, पत्ता गोभी, ककड़ी, लोकी, पालक, आलू समेत विभिन्न सब्जियों की पैदावार होती है, लेकिन स्थायी रूप से सब्जी मंडी तक नहीं है।ऐसे में किसानों को उपज का उचित दाम भी नहीं मिल रहा। सब्जी विक्रेताओं व किसानों ने विधायक एवं जिला कलक्टर से सब्जी मंडी के लिए स्थायी जगह आवंटिन करवाने की मांग की है।
प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया पर नहीं दी अन्यत्र जगह
सरकारी अस्पताल के पीछे चल रही अस्थायी सब्जी मंडी को लेकर उच्च न्यायालय में किसी ने याचिका लगाई थी। न्यायालय के आदेश पर उपखण्ड प्रशासन ने विक्रेताओं को हटाने के नोटिस जारी कर दिए।इस पर सब्जी विक्रेताओं ने अस्थायी केबिन स्वयं ही हटा दिए, लेकिन प्रशासन ने जगह आवंटित नहीं की। आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों से सब्जियां लेकर पहुंच रहे किसान काफी परेशानी झेल रहे हैं।
जगह देख रहे हैं...
& जहां सब्जी मंडी चल रही थी वो भूमि ओरण की है। जहां से अतिक्रमण हटाया है। स्थायी सब्जी मंडी के लिए हमजगह देख रहे हैं। विक्रेता या किसानों को भमि ध्यान में आए तो बताए हम आवंटित कर देंगे।
- सुमेरसिंह राजपुरोहित, तहसीलदार, रानीवाड़ा





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