बीकानेर. एससी-एसटी एक्ट-२०१८ के विरोध में गुरुवार को बीकानेर बंद का आह्वान किया गया है। समता आंदोलन समिति की ओर से बंद को लेकर बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भाजपा व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश की मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपे गए व प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समिति पदाधिकारियों के साथ विभिन्न समाजो के प्रतिनिधि शामिल थे।
समिति के प्रांतीय अध्यक्ष वाईके शर्मा योगी ने बताया कि सर्व समाज की ओर से एससी-एसटी एक्ट के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है। समिति हाल ही जारी केन्द्र सरकार के नोटिफिकेशन का विरोध कर रही है एवं गुरुवार को बीकानेर बंद का आह्वान किया गया है। शर्मा ने विरोध स्वरूप व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का आह्वान किया।
इस दौरान श्याम आहुजा, केशव खत्री, विनित बोथरा, नवरतन, किशनलाल ओझा, उमाशंकर ओझा, भंवरलाल सोनी, डॉ. मोहन जाजड़ा, किशन जोशी, अब्दुल मजीद खोखर, प्रेमरतन सोनी, श्रीधर शर्मा, विनोद पारीक, रतनलाल दुगड़, आर के शर्मा, अरविन्द सेंगर, सुंदर पारीक, रवि आचार्य, सीताराम कच्छावा, कन्हैयालाल नागल, छगन सुथार, दिलिप गौड आदि उपस्थित थे।
इन्होंने किया बंद का समर्थन
शर्मा ने बताया बीकानेर बंद का समर्थन पंजाबी सभा, पारीक सार्वजनिक सम्पति ट्रस्ट, पालीवाल समाज, सिंधी समाज, परशुराम सेवा समिति, श्री बीकानेर ब्राह्मण स्वर्णकार खरनाडा विकास समिति, प्रगतिशील पारीक संस्था, श्री छ:न्याति ब्राह्मण महासंघ, गौड़ ब्राह्मण सभा, जैन महासभा, शाकद्वीपीय ब्राह्मण बंधु चैरिटेबल ट्रस्ट, सिंधी सेन्ट्रल पंचायत सामाजिक संगठनों, संस्थाओं आदि ने बंद का समर्थन किया।
बंद की अपील
बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के उपाध्यक्ष विष्णु पुरी के अनुसार बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल का बीकानेर बंद को समर्थन रहेगा। व्यापारियों से प्रतिष्ठान शांतिपूर्वक बंद रखने की अपील की है।
दल या सरकार का विरोध नहीं
बीकानेर बंद को लेकर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल की हुई बैठक में अध्यक्ष जुगल राठी ने कहा कि बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल किसी राजनीतिक दल या सरकार का विरोध न करके सामान्य वर्ग के प्रति भेदभाव पूर्ण नीतियों का विरोध करेगा। बैठक में समता आंदोलन से वाईके शर्मा योगी, सीताराम कच्छावा, बीकानेर उद्योग संघ के डीपी पचीसिया, वीरेन्द्र किराडू, के के मेहता, अब्दुल मजीद खोखर सहित व्यापारी उपस्थित थे।





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