रायपुर मारवाड़/पाली। जिले के सेंदड़ा के ग्रामीणों को दिन ढलने के बाद अपने गांव पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। ऐसा उन्हें रोडवेज बस चालक की मनमर्जी के चलते करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर सेंदड़ा के लोगो ने कई बार रोडवेज प्रबंधक से लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया।
दरअसल, फोरलेन निर्माण के बाद सेंदड़ा कस्बा मुख्य मार्ग से कट गया। सेंदड़ा में ओवरब्रिज का निर्माण किए जाने के साथ बाइपास का निर्माण कर दिया गया। इसके बाद से ही सेंदड़ा में रोडवेज बसों की आवाजाही नाममात्र की हो गई। हालांकि पिछले कुछ माह पूर्व ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया तो रोडवेज की विविध डिपो की बसें सेंदड़ा कस्बे से होकर गुजरने लगी, लेकिन ये आवाजाही दिन में हो रही है। दिन ढलने के बाद ब्यावर, पाली, जोधपुर, सिरोही सहित विविध डिपो की बसें सेंदड़ा बाइपास होकर ही निकल रही है। इन बसों के चालक यात्रियों को बाइपास पर ही उतार देते हैं। ऑटो व अन्य साधनों की कमी के चलते ग्रामीणों को बाइपास से कस्बे में पहुंचने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है।
रोजाना होती तकरार
सेंदड़ा के ग्रामीण बताते हैं कि बर से ब्यावर जाने वाली बस उन्हें कालाबड़ फाटक के पास उतार देती है। जबकि ब्यावर से बर की तरफ जाने वाली बस इन्हें रेलवे फाटक से पहले तेजाजी मंदिर के पास उतार देते हैं। यहां से सेंदड़ा कस्बे के बीच अंधेरा रहता है। परिवार के साथ पैदल पहुंचाना बड़ी चुनौती है। सर्वाधिक परेशानी महिला यात्रियों को उठानी पड़ रही है।
थक चुके शिकायतें कर सेंदड़ा के समाजसेवी लक्ष्मणदास आहुजा बताते हैं कि उन्होने बीते दो माह में इस समस्या को लेकर ब्यावर, पाली, जोधपुर सहित विविध डिपों प्रबंधकों के साथ मुख्य प्रबंधक से भी कई बार शिकायतें की। लेकिन पत्र का जवाब तक नहीं आया। उन्होंने ब्यावर पहुंच डिपो प्रबंधक से मुलाकात कर हालात बयां किए लेकिन उन्होंने भी संतोषप्रद जवाब तक नहीं दिया। अब ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य प्रबंधक से करेंगे बात
-ये समस्या गंभीर है। इस मामले को लेकर मुख्य प्रबंधक से बात कर प्रभावी कार्रवाई कराएंगे। ताकि सेंदड़ा के ग्रामीणों को राहत मिल सके। -पेमाराम सीरवी, जिला प्रमुख, पाली





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