पाली। एससीएसटी एक्ट के विरोध में विभिन्न समाजों में आक्रोश बढ़ रहा है। इसको लेकर समता आंदोलन के बैनर तले सिखवाल भवन में हुई बैठक में 6 सितम्बर को पाली बंद का आह्वान किया गया। समता आंदोलन के जिलाध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि स्वर्ण, ओबीसी एवं मुस्लिम वर्ग के लोगों ने उक्त कानून को काला कानून बताते हुए इसे सरकार का अत्याचारी कदम बताया। वक्ताओं ने इसे सरकार का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला बताते हुए इससे आम जनता को प्रताडि़त करने का हथियार बताया।
बैठक के दौरान सभी समाजों ने न्याय प्राप्त होने तक संघर्ष करने का आह्वान किया। बैठक में सभी समाजों ने एकमत से 6 सितम्बर को भारत बंद के आह्वान को सफल बनाने पर अपनी सहमती जताई। व्यापारी संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया। सर्व ब्राह्मण समाज, राजपूत समाज, राजपुरोहित समाज, सोनी समाज, जांगिड़ समाज, सिंधी समाज, मुस्लिम समाज, घांची समाज, सेन समाज, नाथ समाज, माली समाज, गुर्जर समाज, बंजारा समाज, पटेल समाज, सीरवी समाज, मालवीय समाज, चारण समाज, जैन समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, रावणा राजपूत, प्रजापत समाज, करणी सेना एवं निजी विद्यालय एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने बन्द को समर्थन देने का आह्वान किया।
बैठक में पचपदरा चलने का आह्वान
पाली। राजीव गांधी स्मृति भवन में सेवादल कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पारीक ने पचपदरा की संकल्प रैली में ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं से पहुंचने का आह्वान किया। पूर्व सभापति केवलचंद गुलेच्छा ने कहा कि जिले में सेवादल संगठन मजबूत है। पूर्व जिलाध्यक्ष अजीज दर्द ने कहा कि सेवादल संगठन पार्टी का नींव का पत्थर है। मोहन हटेला ने कहा कि सेवादल कार्यकर्ता पार्टी के लिए पूरी जी जान से जुटे हुए है। बैठक को कुंदनसिंह रावत, मोटूभाई, भंवरराव, जोगाराम सोलंकी, जीवराज बोराणा ने भी सम्बोधित किया। इस मौके प्रकाश चौधरी, भैराराम गुर्जर, माणकलाल गर्ग, ढलाराम सैन, घनश्याम भाटी, जगदीश प्रजापत, अशोकपुरी व मोहम्मद शहजाद शेष सहित कई जने मौजूद थे।





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