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मुख्यमंत्री ने भेजा बधाई सन्देश, श्रमिकों को लाभार्थी बताकर उनका श्रेय लेने से नहीं चूकी सरकार

 

जयभगवान उपाध्याय
बीकानेर. श्रम विभाग की शुभ शक्ति योजना का लाभ भले ही श्रमिकों को नहीं मिला हो, लेकिन राज्य सरकार श्रमिकों को लाभार्थी बताकर उनका श्रेय लेने से नहीं चूकी। बकायदा मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने योजना के लाभार्थियों को बधाई संदेश भेज दिए। इसमे संबंधित परिवारों के बैंक खातों में ५५ हजार रुपए डालना बताया है। आवेदनकर्ताओं के घर जब मुख्यमंत्री का बधाई संदेश पहुंचा तो उन्होंने बैंक खाते संभाले, लेकिन बैंक खाते में राशि नहीं मिली।

 

आंकड़ों के फेर में उलझे श्रमिक अब श्रम विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। श्रम विभाग के अधिकारी भी मामले से पल्ला झाडऩे में लगे हैं। असल में ये सारा खेल सरकार द्वारा लाभार्थियों के श्रेय का होड़ लेने को लेकर हुआ है। सरकार के उतावलेपन के चलते अब श्रम विभाग के अधिकारी भी बगले झांक रहे हैं।

 

चक्कर पर चक्कर, फिर भी सुनवाई नहीं
जिन आवेदनकर्ताओं के घर मुख्यमंत्री का बधाई संदेश पहुंचा है, वे श्रम विभाग के चक्कर काट रहे है। लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। आवेदनकर्ता कानाराम कच्छावा, अशोक कुमार गहलोत, शांतिलाल, प्रेम रतन कच्छावा, लीलादेवी, केशरीचंद भाटी, दाल सिंह, रजिया, लक्ष्मी नारायण तथा महावीर गहलोत के घर बधाई संदेश तो पहुंचे, लेकिन बैंक खातों में राशि नहीं मिली। आवेदनकर्ता बताते हैं कि पूर्व में दो बार संबंधित परिजनों के घर श्रम विभाग के अधिकारी भौतिक सत्यापन कर चुके हैं, लेकिन अब विभाग के अधिकारी टाल-मटौल कर रहे हैं।

 

योजना पर एक नजर
श्रम विभाग की शुभ शक्ति योजना के तहत हिताधिकारी की वयस्क व अविवाहिता पुत्री तथा महिला हिताधिकारी को 55 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देय है। इसका उपयोग महिला हिताधिकारी पुत्री के विवेक अनुसार आगे शिक्षा या व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने, स्वयं का व्यवसाय शुरू करने, कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा स्वयं के विवाह के लिए उपयोग में ले सकते है। योजना का लाभ लेने के लिए लड़की के पिता या माता अथवा दोनों कम से कम एक वर्ष से मण्डल में पंजीकृत हिताधिकारी निर्माण श्रमिक होना चाहिए। राशि अधिकतम दो पुत्रियों के नाम दी जाती है।

 

साहब की सफाई
बीकानेर से सैंकड़ों आवेदन ऑनलाइन स्वीकृत हो चुके थे, लेकिन मुख्यालय स्तर पर उन्हें लाभार्थी मानते हुए उनके घर मुख्यमंत्री के नाम का बधाई संदेश भेज दिए। लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा तभी डाला जाएगा, जब इनका विभाग के निरीक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पूर्व में रिक्त पदों के कारण संबंधित परिवारों का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया था। अब जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ओपी सारण, संयुक्त श्रम आयुक्त, श्रम विभाग बीकानेर



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