कोटा.
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दिए गए दाखिलों का अब भौतिक सत्यापन होगा। शिक्षा विभाग दाखिलों के दस्तावेजों के साथ-साथ स्कूलों में जाकर बच्चों की उपस्थिति भी जांचेगा। इसके लिए 618 कार्मिकों को लगाकर निरीक्षण दल गठित किए गए हैं, ये 30 सितंबर तक इस काम को अंजाम देंगे।
आरटीई के तहत सभी निजी स्कूलों को अपनी प्रारंभिक कक्षाओं में दिए गए कुल दाखिलों में से 25 फीसदी सीटों पर दुर्बल एवं आभाव ग्रस्त बच्चों को अनिवार्य प्रवेश देने का प्रावधान है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए विद्यालयों को एंट्री क्लास, शिक्षण का माध्यम, नि:शुल्क प्रवेश के लिए सीटों की संख्या भी अपडेट करनी थी। जबकि स्कूल छोड़ चुके बच्चों का लेखा-जोखा पोर्टल से हटाना था। 15 फरवरी तक पोर्टल पर स्कूलों का प्रोफाइल अपडेट होने के बाद 13 मार्च तक सभी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
अब होगा भौतिक सत्यापन
आरबीएसई और सीबीएसई बोर्ड के जिले भर में करीब 1005 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनके आरटीई के तहत दिए गए दाखिलों का भौतिक सत्यापन करने के लिए शिक्षा विभाग के 618 शिक्षकों एवं अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह कि इन लोगों को स्थानीय स्तर पर निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपने के बजाय एनआईसी जयपुर की ओर से ऑनलाइन ड्यूटी लगा निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक दल चार से पांच स्कूलों का निरीक्षण करेगा।
निरीक्षण से पहले प्रशिक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी एंजिलिका पलात ने बताया कि निरीक्षण दल में शामिल किए गए कार्मिकों को शनिवार को विज्ञान नगर स्थित नर्सिंग कॉलेज में इसका एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण दो चरणों में होगा। पहले चरणइसका एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण दो चरणों में होगा। पहले च में सुबह 10 बजे से कोटा शहर व लाडपुरा में कार्यरत कार्मिकों तथा दूसरे चरण में दोपहर एक बजे से जिले के बाकी कार्मिकों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।





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