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एनीमिया की कमी को दूर करता है बाजरा


लूणकरनसर. यहां कृषि विज्ञान केन्द्र के तत्वावधान में तहसील क्षेत्र के रामबाग, घेसूरा व शेरपुरा में बाजरा के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवृद्धि विषय पर चार दिवसीय महिला प्रशिक्षण शिविर में व्यंजन बनाने की विधि सिखाई गई। केन्द्र की वैज्ञानिक डॉ. ऋचा पंत ने इन गांवों में आंगनबाड़ी महिलाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया गया तथा इन महिलाओं ने प्रत्येक दिन २५-२५ महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

इसमें महिलाओं को बाजरे की पुरी, ढोकला, शक्करपारे, केक, बिस्किट, खीर, हलुआ, नमकीन, मुठिया आदि व्यंजन बनाने की कला सिखाई गई। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. ऋचा पंत ने बाजरे की पौष्टिकता तथा स्वास्थ्य में महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनीमिया की कमी, जिंक की कमी तथा गेहूं के प्रोटीन (ग्लूटीन) की एलर्जी में बाजरे का खान-पान महत्वपूर्ण है। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. भगवत सिंह ने ग्रामीणों को बाजरे की खेती बढ़ाने व आहार में बाजरे को शामिल करने की आग्रह किया।

 

लूणकरनसर. राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने प्रधानाचार्या नाजिमा अजीज के साथ कालू थाने का भ्रमण कर पुलिस कार्यप्रणाली से रूबरू हुई। हैड कांस्टेबल पूर्णमल बुडानिया ने छात्राओं को आत्मरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पुलिस थाने का भ्रमण करवाकर कार्यप्रणाली के बारे में बताया। प्रधानाचार्या नाजिमा ने बताया कि पुलिस महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का काम कर रही है तथा किसी भी विकट परिस्थिति में पुलिस को भय मुक्त होकर सहायता लेनी चाहिए। इस मौके पर सीआरपीएफ सहायक कमाण्डेन्ट धनाराम यादव ने आरपीएफ की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। इस मौके पर शिक्षक माणकचंद, हनुमानप्रसाद, आरती खण्डेलवाल, महेश शर्मा, छाया शर्मा, सावित्री आदि ने विचार रखे।

 

 

फसल के खराबे का सर्वे करवाकर मिले मुआवजा
बज्जू. बज्जू क्षेत्र के गांवों में पिछले करीब डेढ़ से दो माह से बारिश नहीं होने किसान परेशान हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों जिला कलक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर फसल खराबे का सर्वे करवाकरर मुआवजे की मांग करेंगे। किसान धनसुख धायल व राजेन्द्र धायल ने बताया कि गौडू, बज्जू, बरसलपुर, गज्जेवाला, भूरासर, मिठडिय़ा, राववाला, रणजीतपुरा सहित सभी गांवों में गत दो माह से पहले अच्छी बारिश के बाद किसानों ने बारानी खेतों में बम्पर ग्वार, मोठ आदि की बिजाई की थी लेकिन अब बारिश नहीं होने से फसलें नष्ट की कगार पर है। इसकी जल्द गिरदावरी रिपोर्ट करवाकर मुआवजा की कार्रवाई शुरू की जाए। किसानों ने क्षेत्र में जल्द चारा डिपो भी स्वीकृत करवाने की भी मांग की है।

 

छत्तरगढ़. तहसील क्षेत्र में सावणी फसल सितंबर में पड़ रही गर्मी व बारिश नहीं होने के कारण चौपट हो रही है। क्षेत्र में करीब अस्सी प्रतिशत खेती बारिश पर निर्भर होने के कारण किसान इस समय संकट के दौर से गुजर रहा है। क्षेत्र में करीब दो महीने पहले अच्छी बरसात हुई थी। उस समय किसानों ने खेतों में ग्वार की बम्पर बिजाई की थी लेकिन बारिश नहीं होने से किसानांे की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बारानी क्षेत्र के किसानों की हालत और भी दयनीय है। किसान किशोर जाखड़ व खोतु खां जोईया ने बताया कि यदि सप्ताहभर में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाएगी।



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