हिण्डौनसिटी.उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में शिक्षक से मारपीट का लिपिक पर हमला करने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को शहर व ग्रामीण क्षेत्र में निजी विद्यालय बंद रहे। इस दौरान निजी शिक्ष्ण संस्था संघ ने मौन जुलूस निकाल की एसडीओ सुरेशचंद बुनकर को ज्ञापन सौपा।
करीब १२५ निजी विद्यालयोंं के संचालक व शिक्षक बांह पर काली पट्टी बांध कर मौन जुलूस में शामिल हुए। मोहन नगर स्थित निर्मल हैप्पी उच्च माध्यमिक से शुरु हुआ जुलूस जैन मंदिर, नई मंडी थाना, स्टेशन रोड होते हुए तहसील कार्यालय परिसर पहुंचा। जहां निजी विद्यालय संचालकों व शिक्षकों ने एसडीओ को ज्ञापन सौंप कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। निजी विद्यालय संचालकों ने बताया के घटना के कई दिन बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द ही गिरफ्तारी नहीं हुई तो निजी शिक्षण संस्थान संचालक आंदोलन करेेंगे। इस दौरान शहर के सभी निजी स्कूलों के संचालक व शिक्षक गण मौजूद रहे।
इधर निजी शिक्षक संघ नेे सौपा ज्ञापन-
निजी शिक्षक संघ ने भी एसडीओ का ज्ञापन सौपा। अध्यक्ष कर्मेन्द्र लहकोडिया, सचिव सत्य प्रकाश शर्मा व कोषाध्यक्ष अंशु पांडेय ने बताया कि आदर्श विद्या मंंदिर लिपिक व शिक्षक से मारपीट के मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं।
भवन के घटिया निर्माण पर किया प्रदर्शन
हिण्डौनसिटी. क्षेत्र के गांव कुतुकपुर में उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग का अरोप लगा गुरुवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को बंद करा दिया। हालाकि कुछ घंटे बाद संवेदक के गुणवत्ता में सुधार के आश्वासन पर निर्माण कार्य शुरु हो गया।
निर्माण मेें गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग होने से सुबह ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। चेतावनी के बाद भी निर्माण कार्य गुणवत्ता से नहीं होने से ग्रामीणों आक्रोशित हो गए और मौके पर पहुुंच काम रुकवा दिया। ग्रामीण खलील अहमद ने बताया कि लाखों रुपए की लागत से बन से उपस्वास्थ्य केंद्र भवन में संवेदक द्वारा घटिया गिट्टी व बजरी का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही मानकों के अनुसार सीमेंट की मात्रा नहीं डाली जा रही है। भवन निर्माण के लिए फाउंडेशन की डीपीसी में एक दिन में ही कई जगह दरार आ गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे संवेदक को ग्रामीणों ने खरी-खोटी सुनाई। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और निर्माण कार्य को बंद करा दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे संवेदक को घटिया सामाग्री गुणवत्ताहीन कार्य कराने को लेकर ग्रामीणों ने खरी खोटी सुनाई। संवेदक द्वारा गुणवत्ता में सुधार का भरोसा देने पर फिर से निर्माण कार्य शुरु हो गया।





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