भवनेश गुप्ता
जयपुर. राजस्थान विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अपना-अपना गुणगान गाने में लगे हुए हैं। लेकिन राजधानी जयपुर में ही देखें तो जनता संतुष्ट नहीं है। ऐसे कई बूथ हैं शहर में जहां वोट विपक्षी पार्टी को मिलने से सत्ता पक्ष के निर्वाचित विधायक का ध्यान इस ओर है ही नहीं। ऐसा ही कुछ हाल है विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र का। यहां के दो बूथ 174 और 139 की पड़ताल की गई तो जनता का गुस्सा फूट पड़ा। वहां के निवासियों का कहना है कि विधायक महोदय तो हमारी सुध लेने तक कभी नहीं आए।
बूथ नम्बर 174
इस बूथ पर 2013 चुनाव में 913 में से 820 वोट कांग्रेस को मिले थे। यही वह बूथ है, जहां से पूरे विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट कांग्रेस की झोली में आते रहे हैं। करीब 90 फीसदी वोट पाकर नेता गद्गद् होते रहे। कालवाड़ रोड से निवारू रोड के बीच इस इलाके में घुसे तो टूटी रोड, बदहाल ड्रेनेज, गंदगी का आलम नजर आया। कई जगह तो गंदगी की हालत ऐसे नजर आए कि वहां खड़ा रहना किसी चुनौती से कम नहीं था। बहरहाल, यहां से आगे बढऩा पड़ा। लोगों से बात की तो गुबार फूट पड़ा, कहा— विधायक महोदय तो यहां आए ही नहीं। न ही नगर निगम ने यहां सफाई की सुध ली, पार्षद ने कुछ संसाधन लगाए लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। यह इलाका मुस्लिम बाहुल्य है और बूथ पर ज्यादा वोट मदीना कॉलोनी के ही हैं। जातिगण समीकरण के लिहाज से यह कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता रहा है।
बूथ नम्बर 139
1036 में से 766 वोट भाजपा को मिले। राजधानी के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र से सीकर रोड पर विजय बाड़ी इलाका मुख्य रूप से जुड़ा हुआ है। यहां बीआरटीएस कॉरिडोर और रात में चमचमाती रोड लाइटें इस इलाके को अलग पहचान देती हैं। यहां ज्यादातर आबादी सवर्ण वर्ग से है, इसलिए भाजपा यहां खुद को मजबूत साबित करती रही है। वार्ड 8 में शामिल इस इलाके में विकास तो हुआ है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के नाम पर आज भी सड़क, बिजली, पानी के अलावा ज्यादा कुछ नहीं है। बरसात का पानी को बाहर निकालने के लिए ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। लोग विधायक से गुहार कर चुके हैं लेकिन हालात नहीं बदले। नलों में सरकारी पानी आ रहा है, लेकिन कम प्रेशर के हालात आज भी परेशान कर रहे हैं।





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