कोटा. शहर की सड़कों पर किशोर उम्र के चालक धड़ल्ले से बाइक व चौपहिया वाहन दौड़ रहे हैं। इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन पुलिस को वह नहीं दिख रहे। उनके खिलाफ पुलिस ने गिनती की कार्रवाई की है। ऐसे में सड़कों पर आए दिन हादसे हो रहे हंै।
पिछले तीन सालों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यातायात पुलिस ने वर्ष 2016 व 2017 के शुरुआती 7 माह में एक भी किशोर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वर्ष 2018 में भी जुलाई माह तक केवल 11 कार्रवाइयां की गई।
पत्रिका ने चलाया अभियान तो की कार्रवाई
अगस्त माह में पत्रिका ने शहर में पावर बाइकर्स के खिलाफ अभियान चलाया। इसके बाद पुलिस ने अगस्त माह में बाइक चालक किशोरों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके अलावा शिक्षण संस्थाओं में जाकर किशोरों से समझाइश की। अगस्त माह में यातायात पुलिस ने किशोरों द्वारा वाहन चलाने के मामले में 150 कार्रवाई की।इसके अलावा शिक्षण संस्थाओं में जाकर किशोरों से समझाइश की। अगस्त माह में यातायात पुलिस ने किशोरों द्वारा वाहन चलाने के मामले में 150 कार्रवाई की।
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सख्त कार्रवाई का प्रावधान
किशोरों के सड़कों पर वाहन चलाने के मामले में कार्रवाई व समझाइश की दरकार है। अभिभावकों द्वारा उन्हें वाहन देने के मामले में अभिभावकों के खिलाफ भी सजा, जुर्माने व लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है।
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अभिभावकों की महती जिम्मेदारी
किशोरों को वाहन देना कानूनन अपराध है। ऐसे में अभिभावकों की महती जिम्मेदारी है कि वे किशोरों को वाहन न दें। किशोर को वाहन देने से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
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कार्रवाई कर रहे हैं
यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में यातायात पुलिस की ओर से विद्यालयों, कॉलेजों समेत शिक्षण संस्थानों में किशोरों समेत अध्यापकों से समझाइश की जाती है। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ अगस्त माह में विशेष अभियान चलाकर करीब 150 चालान बनाए गए हैं।
- नारायणलाल, पुलिस उप अधीक्षक, यातायात पुलिस





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