हिण्डौनसिटी.
शहरी पुनर्गठित जल योजना के तहत जाटव बस्ती में टंकी बनने के बाद भी कई कॉलोनियों के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। एक वर्ष बाद भी टंकी से जलापूर्ति नहीं होने से गुस्साई महिलाओं ने टंकी के नीचे पहुंचे प्रदर्शन किया। साथ ही रीते मटके फोड़ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के खिलाफ रोष जताया।
पार्षद मनोज जाटव व भरतलाल के नेतृत्व में सुबह जाटव बस्ती क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियां की महिलाएं रीते मटके लेकर पानी की टंकी के नीचे पहुंच गई। महिला सुनीता, अनीता बिरमा आदि ने बताया कि जाटव बस्ती में टंकी निर्माण हुए एक वर्ष हो गए गया है। इससे कुछ कॉलोनियों में ही जलापूर्ति की जा रही है। लेकिन हजारी कॉलोनी, चेताकापुरा, हीरा कॉलोनी, अथाई कॉलोनी, खारा कुआ व नीम कॉलोनी में नलों से पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में महिलाओं को रोजमर्रा लिए पानी भरने के लिए दूसरी कॉलोनियों के नलों पर जाना पड़ता है।
अन्य कॉलोनियों मेंं आता गंदा पानी-
पार्षद ने बताया कि जाटव बस्ती में नलों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। टंकी से लेकर अम्बेडकर चौराहे तक पाइप लाइन आधा दर्जन से अधिक स्थान पर लीकेज है। इससे जलापूर्ति के समय सडक़ पर पानी व्यर्थ बहता है। बाद में सडक पर भरा गंदा पानी पाइप लाइन में रिस कर भर जाता है और दूसरे दिन नलों से गंदले और बदबूदार पानी की आपूर्ति होती है। कइयों बाद अवगत कराने के बाद भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अभियंताओं ने लीकेज की मरम्मत नहीं की है।
हमले के विरोध में किया प्रदर्शन
समीप के महूइब्राहिमपुर कस्बे के बस स्टैंड पर गुरुवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गत दिनों संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन किया।
एनएसयूआई के उपाध्यक्ष सत्येंद्र सोलंकी ने बताया कि पूणिया पर हमले के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान मनीष सोलंकी, भोला सोलंकी, नरेश, सुखसिंह सोलंकी, सुरजीत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।





No comments:
Post a Comment