नई दिल्ली। रफाल प्रकरण पर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच चली खींचतान शांत होने के नाम नहीं ले रही है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) राजीव महर्षि से मिले कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल के बाद राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने गुरुवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को 'रफाल मंत्री' बताते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की। राहुल की यह टिप्पणी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व प्रमुख टी सुवर्णा राजू द्वारा निर्मला के उन दावों को खारिज करने के बाद आई है, जिसमें निर्मला ने कहा था कि सरकारी स्वामित्व वाली एचएएल के पास लड़ाकू जेट बनाने की क्षमता नहीं है।
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भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए फिर झूठ बोला
राहुल ने कहा कि आरएम (रफाल मंत्री) ने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए फिर झूठ बोला और पकड़ी गईं। एचएएल के पूर्व प्रमुख टी.एस राजू ने उनके झूठ की पोल खोल दी कि एचएएल के पास राफेल बनाने की क्षमता नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनका रुख अस्प्षट है और इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। राफेल सौदे को लेकर सीतारमण ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि रक्षा मंत्रालय के तहत काम कर रही एचएएल के पास राफेल बनाने की क्षमता नहीं है। इस सौदे को लेकर एनडीए और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध जारी है।
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रफाल मामले में जांच कराने का दबाव
आपको बता दें कि कैग से मुलाकात कर कांग्रेस नेताओं ने रफाल मामले में जांच कराने का दबाव बनाया था। इस दौरान नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) राजीव महर्षि ने कहा है कि वह संसद में रिपोर्ट पेश करने के लिए पूरे मामले की पहले ही जांच कर रहे हैं। महर्षि इस बात का भी आश्वासन दिया कि सभी तर्कों पर विचार किया जाएगा।





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