जयपुर। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सवाल किया है कि उच्च शिक्षा में शिक्षकों की भारी संख्या में रिक्तियां होने और शिक्षकों के साथ तबादले में भेदभावपूर्ण नीति अपनाए जाने के बाद भी गौरव महसूस हो रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने 34 वें सवाल में कहा कि राज्य के सरकारी महाविद्यालयों में लगभग 3.80 लाख छात्र अध्ययनरत हैं, जबकि कॉलेज शिक्षकों के 7 हजार स्वीकृत पदों में से 3900 शिक्षक ही कार्यरत हैं।
यानी एक शिक्षक पर 100 छात्र हैं। जबकि राष्ट्रीय अनुपात एक शिक्षक पर 30 छात्र है। राजस्थान विश्वविद्यालय के भी बुरे हालात हैं। प्रोफेसरों के 62 में से 53 पद खाली पड़े हैं, जो इस बात का स्व-प्रमाण हैं कि उच्च शिक्षा को किस तरह भाजपा सरकार बर्बाद कर रही है।
प्रदेश के कई पुराने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 40 प्रतिशत पद रिक्त हैं। बृज विश्वविद्यालय भरतपुर, राज ऋषि भृत्तहरि विश्वविद्यालय अलवर और पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर में एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है।





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