दौसा. जयपुर सरस डेयरी ने दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के साथ कुठाराघात कर रखा है। डेयरी प्रशासन मनमर्जी से कभी फैट की दरों में कटौती तो कभी बोनस कम कर देता है। हाल ही में जयपुर सरस डेयरी ने एक तुगलकी फरमान जारी कर दुग्ध उत्पादक समितियों को आदेश दे दिए कि उनके द्वारा भेजे जाने वाले दूध में कटौती कर लिमिट तय कर दी है। साथ ही किसी डेयरी उत्पादक समितियों को निर्देश दिए लिमिट से अधिक खरीदकर डेयरी गया को भेजा तो उसका भुगतान नहीं किया जाएगा।
इस तरह तय की लिमिट
डेयरी जिस दुग्ध समिति से पहले 10 कैन दूध आ रहा था, अब उसको 6 कैन से अधिक नहीं भेजने की हिदायत दे रखी है। चेतावनी भी दे रखी है कि यदि लिमिट से अधिक दूध भेजा तो उसको उसका भुगतान नहीं मिल पाएगा। ऐसे में दुग्ध उत्पादक समिति भी पशुपालकों से अधिक दूध नहीं खरीद रहे हैं। एक बीएनसी संचालक ने बताया कि उनकी डेयरी की 2 हजार लीटर प्रतिदिन दूध भेजने की क्षमता है, लेकिन अब उनसे 15 सौ लीटर ही दूध लिया जा रहा है।
एक टाइम बंद रखनी पड़ रही है समिति
एक दुग्ध उत्पादक समिति संचालक ने बताया कि उनकी समिति पर इस वक्त दूध अधिक आ रहा है।
इधर डेयरी प्रशासन ने लिमिट तय कर रखी है। ऐसे में कई पशुपालक दूध बेचने की बजाय छाछ बिलौकर घी निकालने में ही विश्वास कर रहे हैं।
दौसा से प्रतिदिन जा रहा है सवा से डेढ़ लाख लीटर दूध
सरस डेयरी जयपुर में औसतन करीब 5 लाख लीटर दूध जा रहा है। जबकि दौसा जिले के पशुपालकों का प्रतिदिन करीब सवा से डेढ़ लाख लीटर सप्लाई हो रहा है। डेयरी प्रतिदिन जयपुर के पशुपालकों को एक लीटर दूध पर प्रति फैट की दर 5 रुपए 60 पैसे के अलावा 2 रुपए फिक्सड (बोनस) दे रही है।
यूं मिलते हैं दूध के दाम
एक पशुपालक दुग्ध उत्पादक समिति (डेयरी) पर यदि एक लीटर दूध लेकर आता है तो उसके दूध में फैट की मात्रा 6 आती है तो उसे प्रति फैट 5 रुपए 60 पैसे मिलता है। एक लीटर दूध देने पर उसको 33 रुपए 60 पैसे मिलते हैं। यदि दो रुपए प्रति लीटर बोनस के और जोड़ दिए जाते हैं ऐसे में उसको एक लीटर पर 35 रुपए 60 पैसे प्रति लीटर मिलता है। जबकि डेयरी इससे आधी गुणवत्ता (3 फैट ) वाले दूध को ही 40 रुपए लीटर बेच रही है।
सुनो अधिकारियों का तक...
डेयरी अधिकारियों का कहना है कि दौसा जिले में अलवर व करौली जिले के लोग दूध देने आते हैं। उन जिलों में रेट कम है। जबकि हकीकत यह है कि कई जगह मिलावटी दूध समितियों सप्लाई किया जाता है। इससे दूध की मात्रा बढ़ रही है। डेयरी अधिकारी बार-बार निरीक्षण करते हैं, लेकिन मामला पकड़ में नहीं आ रहा है। पिछले महीने भी डेयरी प्रशासन 27 जुलाई 2017 को एक आदेश जारी किए थे कि दुग्ध समितियों पर प्राइवेट डेयरी वेन्डर्स एवं ठेकेदार दूध लेकर आते हैं तो उनको रोका जाए।
दूध लाने का समय तय
डेयरी ने दूध लाने का समय भी तय कर रखा है। पिछले महीने डेयरी प्रशासन आदेश जारी किए कि जो दुग्ध उत्पादक सुबह व शाम 7 बजे तक दूध लेकर आता है, उसका ही दूध लिया जाए। बीएमसी पर सुबह-शाम 8 बजे तक दूध संकलन होना चाहिए।
बाहर से आ रहा है दूध
लिमिट इसलिए तय की है कि जयपुर डेयरी अन्य जिलों की बजाय पशुपालकों को अधिक रेट दे रही है। इसलिए दूसरे जिलों के लोग दौसा की समितियों पर दूध लेकर आ आते हैं। इस सम्बन्ध में अधिकारी निरीक्षण भी कर रहे हैं।
मदनमोहन सारस्वत, सहायक प्रबंधक सरस डेयरी दौसा





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