अनुराग त्रिवेदी/जयपुर. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती करीब आ रही है और केन्द्र सरकार ने इसे अनोखे अंदाज में सेलिब्रेट करने की तैयारियां भी शुरू कर दी है। हर साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर निकलने वाली झांकी में महात्मा गांधी के विविध रंग नजर आएंगे। इस साल केन्द्र सरकार की ओर से सभी राज्यों को 'गांधी 150Ó थीम पर झांकी की डिजाइन बनाने के लिए पत्र जारी हुए थे, जिसके चलते राजस्थान में झांकी को लेकर तैयारियां तेज चल रही है। झांकी डिजाइन के लिए आर्ट एंड कल्चर डिपार्टमेंट ने राजस्थान ललित कला अकादमी को नोडल एजेंसी बनाया है, जिसके तहत अकादमी ने प्रदेश के आर्टिस्ट्स और एजेंसीज से झांकी के डिजाइन मांगे थे। प्रदेश के पांच लोगों द्वारा इस संबंध में डिजाइन उपलब्ध करवाए गए थे, जिसमें से सीनियर आर्टिस्ट मीनाक्षी कासलीवाल के डिजाइन को डिफेंस मिनिस्ट्री की बैठक के लिए फाइनल किया गया है।
राजस्थान को रिप्रजेंट करेगी खादी
इस बार डिजाइन में राजस्थान के बुनकरों की बनाई गई खादी को डिजाइन का प्रमुख थीम बनाया गया है। इस डिजाइन को 'खादी- परम्परा से आधुनिकता की ओरÓ विषय पर बनाया गया है, जिसमें राजस्थान का खादी के प्रति जुड़ाव साफ नजर आएगा। इसके फ्र ंट में महात्मा गांधी की विशालकाय मूर्ति होगी और पीछे खादी को बनाते बुनकरों के फीगर नजर आएंगे। इस डिजाइन को जल्द ही डिफेंस मिनिस्ट्री की बैठक में प्रदर्शित किया जाएगा, जहां निर्णायक मंडल झांकी के मॉडल बनने की अपू्रवल देगा। हालांकि इसमें देशभर के विभिन्न राज्यों के डिजाइन प्रदर्शित किए जाएंगे, जिसमें से आधे ही राज्यों को अपू्रवल मिलेगी।
पहले राज्यों के कल्चर को रिप्रजेंट करती थी
विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक राजस्थान के कल्चर को रिप्रजेंट करती हुई डिजाइन मॉडल के लिए अपू्रव हुई है, पिछले साल राजस्थान सरकार की 'जल स्वावलंबन योजनाÓ पर डिजाइन भेजी गई थी, जिसे अपू्रवल नहीं मिली थी। यहां के कई ऐतिहासिक इमारतों पर मॉडल्स को परेड में राष्ट्रपति से अवॉर्ड मिल चुके हैं। पहली बार कल्चर को रिप्रजेंट नहीं करते हुए गांधी जयंती को सेलिबे्रट करने के लिए डिजाइन बनाए जा रहे हैं।
पांच डिजाइन में किया फाइनल
अकादमी के सचिव डॉ. सुरेन्द्र सोनी ने बताया कि झांकी के लिए पांच डिजाइन अकादमी को मिली थी, जिसमें से मीनाक्षी कासलीवाल के डिजाइन को अपू्रव किया गया है। इसे डिफेंस मिनिस्ट्री की मीटिंग में प्रस्तुत किया जाएगा। अकादमी के चेयरमैन डॉ. अश्विन एम दलवी ने बताया कि झांकी में महात्मा गांधी के सार्थक प्रयासों को दिखाने की कोशिश की जाएगी, गांधी के राजस्थान से जुड़ावों को इस झांकी में देखा जा सकेगा।





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