दौसा. नगर परिषद के उपसभापति वीरेंद्र शर्मा नगर परिषद के बाहर 5 सितंबर से 18 मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं और धरना 10 सितंबर से भूख हड़ताल में तब्दील हो गया, लेकिन अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया और ना ही उनकी मांगों पर कोई विचार किया है। उपसभापति वीरेंद्र शर्मा के समर्थन में समर्थकों ने पुराने शहर के गांधी चौक में प्रशासन ओर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारे लगाकर सीएम का पुतला भी जलाया।
लोगों का कहना है कि भूख हड़ताल पर बैठे उपसभापति वीरेंद्र शर्मा की जनहित में मांगें जायज है। प्रशासन को पूरा कर उनकी भूख हड़ताल समाप्त करानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी पर कई सवाल खड़े किए और कहा कि आखिर अनशन पर बैठे वीरेंद्र शर्मा की जनहित की मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उपसभापति शर्मा ने बताया कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक अनशन व उनके समर्थकों का धरना नगरपरिषद के बाहर जारी रहेगा। शर्मा ने बताया कि शौचालय निर्माण कराने वाले परिवारों को 10 दिन में भुगतान मिलना चाहिए। पात्र परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिले। जिला मुख्यालय पर बाहर से नौकरी करने वाले वाले कर्मचारी व अधिकारियों को दौसा में ही रहने के लिए पाबंद किया जाए। गलत तरीके से दिए गए सफाई ठेके की जांच कर तीसरे पक्ष से सफाई कराई जाए।
गाडिय़ा लुहार, बागरियाओं के परिवारों को सितम्बर महीने में ही नि:शुल्क भूमि पट्टे दिए जाने एवं गुप्तेश्वर रोड पर गौरव पथ निर्माण के लिए गलत तरीके से तोड़े गए मकानों के विषय में पूरी सड़क का तहसीलदार दौसा व टाउन प्लानर जयपुर के अधिकारियों को साथ लेकर पुन: सीमांकन कराया जाने सहित अन्य मांगों का निस्तारण किया जाए।
इस दौरान रघु शर्मा, विजय जोशी, जयेश, मुकेश नरानिया, मोहसिन, इमरान, राकेश सैनी, मुकुट बिहारी, विजय, हरिओम, हनुमान पांचाल, पवन आनंद, प्रिंस सैन, रजत, अमित, सीताराम, मनीष आदि मौजूद थे। उल् लेखनीय है कि दौसा नगर परिषद के बाहर आमजन से जुड़ी 18 सूत्रीय मांगों के लिए उप सभापति वीरेन्द्र शर्मा व उनके समर्थकों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना 12वें दिन व शर्मा की भूख हड़ताल 8वें दिन भी जारी रही।





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