राजसमंद. असामाजिक तत्वों द्वारा तोडफ़ोड़ के बाद अब ठेकेदार द्वारा ही पुन: मरम्मत करवाने के साथ चोरी हुए सारे उपकरण दोबारा सात दिन में लगाने होंगे। जिला कलक्टर श्यामलाल गुर्जर ने नगरपरिषद आयुक्त व खेल अधिकारी को बुलाया और राजस्थान राज्य सडक़ विकास एवं निर्माण निगम को ठेकेदार को जल्द मरम्मत कराने के सख्त निर्देश दिए। उसके बाद भवन हस्तान्तरण की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान पत्रिका के 7 सितम्बर 2018 के अंक में ‘उद्घाटन से पहले खुर्द-बुर्द हो रहा इनडोर स्टेडियम...’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर से ठेकेदार की लापरवाही एवं राजस्थान राज्य सडक़ विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसीलि)के साथ प्रशासन की उदासीनता का खुलासा किया। इस पर जिला कलक्टर ने क्षतिग्रस्त हुए इनडोर स्टेडियम व जिला खेल कार्यालय के भवन की मरम्मत के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। इसके तहत निविदा के मुताबिक अब संवेदक को पूरे भवन की मरम्मत कराने के साथ नए पंखे, पाइप लाइन, विद्युत लाइन खींचने के साथ ट्यूबलाइट भी लगाने के साथ साफ सफाई करनी होगी। भवन के साथ उसमें उपलब्ध सभी संसाधनों को सूचीबद्ध कर ठेकेदार द्वारा आरएसआरडीसीलि के अभियंता को सौंपी जाएगी। उसके बाद आरएसआरडीसीलि द्वारा इनडोर स्टेडियम को नगरपरिषद राजसमंद को हस्तान्तरित किया जाएगा। साथ ही पास में बने खेल भवन में जिला खेल कार्यालय को स्थानान्तरित कर दिया जाएगा।
उदयपुर की तर्ज पर होगा संचालन
इनडोर स्टेडियम का संचालन उदयपुर की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए कलक्टर के निर्देश पर जिला खेल अधिकारी द्वारा उदयपुर व भीलवाड़ा जिले में इनडोर स्टेडियम का जिस तरह से संचालन किया जा रहा है। उसकी रिपोर्ट मंगवाई है और अब उसी आधार पर कांकरोली व राजनगर में निर्मित इनडोर स्टेडियम का संचालन किया जाएगा।
भवन पूरा कर देगा ठेकेदार
इनडोर स्टेडियम के भवन की मरम्मत के साथ निविदा में जो भी संसाधन है, वे सभी लगाने होगी। सात दिन में कम्पलीट करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद इनडोर स्टेडियम को हस्तान्तरण की कार्रवाई की जाएगी।
श्यामलाल गुर्जर, जिला कलक्टर





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