चित्तौडग़ढ़़. जिले के मण्डफिया स्थित कृष्णधाम सांवलियाजी में गुरूवार को तीन दिवसीय जलझुलनी एकादशी महोत्सव के दूसरे दिन गुरूवार को मुख्य समारोह रथयात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे कस्बे में हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैयालाल की गूंज होती रही। मंदिर परिसर में ठाकुरजी संग भक्तों ने रंग-अबीर से जमकर फाग खेली तो हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्र्षा हुई। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। सुबह ११ बजे तक मंदिर परिसर में हजारों लोग जमा हो चुके थे। मंदिर में आरती के बाद ही भगवान संग भक्तों ने फाग खेलना शुरू कर दिया। ठाकुरजी को नवनिर्मित चांदी के रथ बिराजमान करते ही पूरे मंदिर परिसर में अबीर के साथ पुष्पवर्षा शुरू हो गई। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर लगाने के साथ रंग भी लगाया। रथयात्रा मण्डफिया कस्बे के जिन-जिन मार्गों से गुजरी वहां लोग एक झलक पाने को बेताब दिखे। रथयात्रा पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। रथयात्रा में हाथी, घोड़ो के साथ भक्तों का अपार समूह नाचते-गाते चल रहा था। हर तरफ अबीर उड़ रही थी तो छतों से पुष्पों की बारिश हो रही थी। घरों की छतों से लेकर पेड़ो तक पर लोग चढ़े हुए थे। रथयात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए शाम को फिर सांवलियाजी मंदिर पहुंची। रथयात्रा में शामिल होने के लिए प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु मण्डफिया पहुंचे। मंदिर मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपेन्द्रसिंह राठौड़ सुबह से मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं पर नजर रखे रहे।
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रोडवेज बसों के चक्काजाम का दिखा असर
रोडवेज बस चक्काजाम का असर जलझुलनी एकादशी रथयात्रा में उमडऩे वाली भीड़ पर दिखा। सामान्यतया जलझुलनी एकादश्ी पर सांवलियाजी के लिए रोडवेज का चित्तौडग़ढ़ डिपो दस या अधिक अतिरिक्त बसे लगाता रहा लेकिन इस बात तय बसें भी नहीं चल पाई। रोडवेज बसे नहीं चलने से चित्तौडग़ढ़ सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को सांवलियाजी पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालु निजी बसों व स्वयं के वाहनों से सांवलियाजी पहुंचते रहे। वाहनों की कमी के चलते ट्रकों व ट्रेक्टर में बैठकर भी भक्तगण सांवलियाजी पहुंचने को बेताब रहे हॉलाकि इस तरह की यात्रा से दुर्घटना का डर बना रहा।
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एक नजर में
रथयात्रा में उमड़े श्रद्धालु-करीब एक लाख
रथयात्रा की अवधि-पांच घंटे
गुलाल-अबीर का उपयोग-21 क्विंटल
गुलाब पंखुडिय़ों का उपयोग-करीब 30 क्विंटल





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