जालोर. आहोर क्षेत्रका छोटा गांव अगवरी। नाले गंदगी से अटे और शौचालयों की लंबे समय से सफाई तक नहीं हुई। ग्रामीण मामले में कई बार शिकायत कर चुके थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस समस्या के समाधान के लिए वर्तमान में गुडामालानी में बीडीओ पद पर कार्यरत और मूल रूप से अगवरी के निवासी नारायणसिंह राजपुरोहित ने एक अनूठी मिसाल पेश की। वे हाल ही में अगवरी गांव पहुंचे और उन्हें जानकारी मिली कि गांव में पसरी गंदगी गांव की प्रमुख समस्या है, जिसका समाधान नहीं हो रहा। बदबू और गंदगी से अटे नाले और कचरे से अटे मूत्रालय को देखकर उन्हें बुरा लगा और सोचा कुछ ऐसा किया जाए जो गांव की समस्या का माध्यम बने और ग्रामीण भी इससे प्रेरित हो। फिर जो हुआ उससे ग्रामीण अचंभित हो गए। राजपुरोहित खुद ही नालों की सफाई में जुट गए। नालों की सफाई के लिए संसाधन का अभाव था तो उन्होंने अपने हाथों से ही कचरे को नाले से बाहर निकालना शुरू कर दिया। राजपुरोहित को ऐसा करते देख ग्रामीण कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे, लेकिन कुछ ही देर में लंबे समय से गंदगी से अटा पड़ा नाला साफ हो गया।
मूत्रालय भी हो गया साफ
उनके इस प्रयास में कुछ ग्रामीण भी आगे आए। नाले की सफाई के बाद उन्होंने लंबे समय से कचरे से अटे पड़े मूत्रालय की सफाई शुरूकर दी। तब तक उन्हें फावड़ा भी मिल गया तो काम और भी बेहतर तरीके से हो गया।
कुछ अलग किया जाए
नारायणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि गांव में गंदगी प्रमुख समस्या है। मैं गांव आया था तो सोचा कुछ अलग किया जाए। मैंने सफाई के लिए पहल की है मेरा उद्देश्य है इससे ग्रामीण प्रेरित हो और भविष्य में इसके लिए खुद आगे आएं।
बीडीओ को देखा तो ग्रामीण भी हुए जागरूक
विकास अधिकारी के पद पर कार्य करने वाले व्यक्ति को हाथों से नाले की सफाई करते देख आस पास मौजूद ग्रामीण एकबारगी कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन बाद में अन्य ग्रामीण भी उनके साथ इस काम में जुट गए। ऐसे में बीडीओ ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।





No comments:
Post a Comment