प्रतापगढ़. जिलेभर में इस वर्ष गणेश चतुर्थी गुरुवार से शुरू होकर 23 सितम्बर तक मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी को मनाने के लिए शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भी गणेश पंडाल लगने लगे है। वहीं बाजारों में रंग-बिरंगी भगवान गणेश की मूर्तियों की ब्रिकी भी खूब हो रही है। मंदिरों में कई आयोजन के साथ लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।
मध्याह् मुहूर्त में भक्त करेंगे पूजा-अर्चना
भगवान गणेश के जन्मदिन के उत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था। इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। मध्याह्न काल, अंग्रेजी समय के अनुसार दोपहर के तुल्य होता है। हिन्दू समय गणना के आधार पर सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य के समय को पांच बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। इन पांच भागों को क्रमश प्रात:काल, सडगव, मध्याह्न और सायंकाल के नाम जाना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन गणेश स्थापना और गणेश पूजा मध्याह् के समय को गणेश पूजा के लिए सबसे उपयूक्त समय माना जाता है।
मंदिरों में होंगे आयोजन
शहर के गणेश मंदिरों में कई आयोजन किए जाऐंगे। गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में डाक बंगला रोड स्थित विजय राघव मंदिर पर श्वेत आक की जड़ से निमित वीर गणेश की प्रतिमा को 1008 लड्डुओं का भोग एवं 56 भोग का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद 12.15 पर आरती कर प्रसाद वितरण की जाएगी। वहीं शहर के गोपालगंज स्थित गणेश मंदिर में भी कई आयोजन किए जाएंगे।
गणेश चतुर्थी व मोहर्रम को लेकर सीएलजी बैठक आयोजित
प्रतापगढ़.गणेश चतुर्थी व मोहर्रम को लेकर बुधवार को कोतवाली में सीएलजी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएलजी सदस्य व गणेश पांडाल के आयोजक, मोहर्रम के सदस्य मौजूद थे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव, नगर परिषद आयुक्त, शहर कोतवाल बाबुलाल मुरारिया मौजूद थे। बैठक में सदस्यों को 10 बजे तक डीजे चलाने के आदेश दिए गए। वहीं यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखने की बात कही गई। मोहर्रम में निकलने वाले अखाड़ों में धारदार हथियार नहीं लाने के लिए कहा गया। त्योहारों को देखते हुए दोनों समुदाय की ओर से कमेटी बनाई जाएगी। सीएलजी बैठक में आए लोगों ने शहर की सडक़ों को लेकर नाराजगी जाहिर की।इस पर नगर परिषद आयुक्त से जल्द सडक़ बनाने की बात कही।





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