सवाईमाधोपुर. बोहना गांव में अज्ञात बीमारी से तीन मासूमों की मौत को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का प्रत्येक अधिकारी चिंतित है, इसके बाद भी जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। चिकित्सा महकमे के उच्चाधिकारियों व जिला अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के चलते पिछले करीब तीन माह से अधिक समय से जांच मशीन खराब होने से रोगियों की समय पर जांच नहीं हो रही है। इससे उन्हें एक दिन बाद जांच मिल रही है। इतना ही नहीं जांच करने में दो से तीन गुना अधिक समय लगता है। इससे रोगियों के साथ-साथ लैब कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीबीसी एक माह से खराब
जिला अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के चलते काफी समय से जांच मशीन खराब है, लेकिन किसी ने उन्हें ठीक कराने की जहमत तक नहीं उठाई। यहां जिला अस्पताल में गत 23 जुलाई से फुली ऑटो एनेलाइजर मशीन खराब है। इस मशीन में एक साथ 10 प्रकार की जांच की जाती है। रोगियों को समय पर जांच मिलती थी, लेकिन इसके अभाव में सेमी ऑटोऐनेलाइजर मशीन से काम चला रहे है।
इसमें एक-एक रोगी की अलग-अलग जांच हो रही है। इससे दोगुना-तिगुना समय लग रहा है। इसी प्रकार खून की जांच करने के लिए ईएसआर मशीन करीब डेढ़ दो साल से खराब है। ऐसे में खून की सभी प्रकार की जांच एक-एक कर की जा रही है। ईएसआर के सही होने पर एक साथ कई सारी जांच की जाती थी। इतना ही नहीं जिला अस्पताल की लैब में दो सीबीसी (सेल काउंटर मशीन) है। इनमें से एक सीबसी मशीन पिछले करीब एक माह से खराब चल रही है। ऐसे में रोगियों को जांच के लिए निजी लैबो का सहारा लेना पड़ रहा है।
एसी डेढ़ साल से खराब
जिला अस्पताल में स्थित लैब में पिछले डेढ़ साल से एसी खराब है। गर्मी के चलते लैब के खिड़की दरवाजे खुले रहते है। इससे कोई भी रोगी व बाहरी व्यक्ति बेरोकटोक लैब में चला आता है। साथ ही जांच मशीन गरमा कर बंद पड़ जाती हैं।
ब्लड बैंक के एसी में नहीं कूलिंग
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में तीन-तीन एसी लगे है, लेकिन उनमें पर्याप्त कूलिंग नहीं होने से उमस रहती है। ऐसे में ब्लड जांच व ब्लड स्टोरेज में ठंडा रखने की दक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां लगे एक एसी खराब हालत में है। शेष दो एसी कम कूलिंग दे रहे है। इसी प्रकार आईसीयू में स्थित एक एसी से पानी टपक रहा है। इसके अलावा वहां लग रहा एक पंखा खराब है। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है।
जल्द ही ठीक कराएंगे
जांच मशीनें खराब होने के बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो उन्हें शीघ्र दुरस्त कराने की व्यवस्था करेंगे।
डॉ. रंगलाल मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल, सवाईमाधोपुर।





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