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आप भी हैरान रह जाएंगे: डेढ़ लाख रुपए माह की नौकरी छोड़ गांव-गांव घूम रहा कम्प्यूटर इंजीनियर

- 28 साल की उम्र में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की युवा इकाई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया यह युवक
- किसान अन्नदाता यात्रा का कर रहा नेतृत्व
- लंबी चल रही यात्रा
बुरहानपुर. कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के बाद देश की कई बड़ी कंपनियों में काम किया। डेढ़ लाख रुपए माह का वेतन मिलता जिससे खुशहाल जीवन चल रहा था, लेकिन किसान आंदोलन के नेता शिव कुमार शर्मा उर्फ कक्काजी से ऐसे प्रभावी हुए कि अपना घर, परिवार और शहर छोड़ कर किसानों के हित के लिए मैदान में उतर आए। यह युवक है राधवगढ़ गांव में जन्मा राहुल राज शर्मा जिनकी उम्र महज 28 साल है।
गुरुवार को बुरहानपुर आई किसान अन्नदाता यात्रा का नेतृत्व कर रहे राहुल राज राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। बड़ी बात यह है कि राहुल राज ने कक्काजी की तरह अपना सरनेम हटाकर केवल राहुल राज कर लिया। पत्रिका से हुई विशेष बातचीत में राहुल राज ने कहा कि वे देश की बड़ी तमाम कंपनियों में काम कर चुके हैं। लेकिन भोपाल में जब वे कक्काजी से मिले तो उनके व्यक्तित्व से बड़ा प्रभावित हुए। राहुल राज का मन पहले से ही जनसेवा का रहा। वे कहते हैं कि देश में दो भारत बसते हैं एक जो गांव में दूसरा शहरों में बसता है। उनका एक ही लक्ष्य है कि सारा जीवन किसान समुदाय के लिए लगा देना। अभी उनका विवाह नहीं हुआ है। राहुल राज ने कहा कि मेरा प्रयास है कि अंतिम सांस तक दबे कुचले समुदाय की आवाज उठाने के लिए काम करू, उनकी आवाज बनु।
कंपनियों का गुलाम बनकर नहीं रहना
राहुल राज ने कहा कि उन्होंने किसानों के हित के लिए सारे सुख सुविधाएं त्याग दिया। डेढ़ लाख रुपए की नौकरी छोड़ दी। वे कहते हैं कि मुझे कंपनियों के गुलाम बनकर काम नहीं करना। हमारी नौकरी से केवल कंपनी को फायदा है। हमने पढ़ाई की है उससे हमारे गांव, परिवार और किसान समुदाय को कोई फायदा नहीं है। इसलिए अब किसान के लिए जीता हूं। उन्नत खेती करने का तरीका उन्हें बताए जाते हैं। पिछले एक साल से राहुल राज कक्काजी के साथ काम कर रहे है। वे राम मनोहर लोहिया से भी खासे प्रभावी है। उन्होंने कहा किसान की कोई जात नहीं होती उसकी एक धर्म की वह केवल किसान है।

मैं राहुल राज देश के तमाम युवा साथियों से निवेदन करता हूँ कि, आज देश का अन्नदाता इस देश की जनता को पालने वाला शोषित पीडि़त, प्रताडि़त, दंडित अपमानित होकर अब परास्त हो गया है।
अपने देश में 43 प्रतिशत अन्नदाताओं की आत्महत्या में वृृद्धि होना देश के मस्तक पर दुनिया के सामने कलंक है।
आज राष्ट्र, इतिहास में सबसे ज्यादा नाजुक दौर से गुजर रहा है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध के कारण समाज के सभी वर्गों में घोर निराशा है। विवेकहीन, दिशाहीन, बुद्धिहीन, अकर्मण्य, एवं महाभ्रष्ट शाशकों के कारण आज देश और समाज के समक्ष अनेक समस्याएं, बाहरी और आंतरिक संकटों की बाढ़ आ चुकी है।
लगता है अब देश को दिशा और गति प्रदान करने के लिए एक बड़ी जनक्रांति की आवश्यकता है तथा युवाओं के लिए यह एक चुनौती है।
साथियों युवा सदा ही क्रांति और परिवर्तन के वाकह और अगुआ रहे हैं। मैं आप सभी साथियों से निवेदन करता हूँ की राष्ट्र के इस भीषण काल की घड़ी में देश आपकी ओर बड़ी आशा भारी निगाहों से देख रहा है।

मेरे साथियों के साथ मिलकर राष्ट्र के उत्थान हेतु हमने प्रण लिया है हम सब को साथ मिलकर सभी समस्याओं के निराकरण हेतु युवाओं को संगठित कर राष्ट्र निर्माण एवं सभी वर्गों के उत्थान हेतु एकजुट होकर कार्य करना होगा ।

मैं राहुल राज, शिक्षा बीई, कम्प्यूटर साइंस निवासी भोपाल मप्र उम्र 28 वर्ष इस राष्ट्रीय यज्ञ में पूर्ण समर्पण के साथ पूरा समय देकर सेवा कर रहा हूँ। आइये हम सब मिलकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की युवा इकाई में प्रदेश एवं राष्ट्र के भविष्य निर्माण में अमूल्य सहयोग प्रदान कर इस राष्ट्रीय महायज्ञ का शुभारंभ करें।

 



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