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शतक लगाने वाले एलिस्टर कुक ने इस भारतीय खिलाड़ी को कहा शुक्रिया, सेंचुरी पूरी करने में की थी मदद

नई दिल्ली। क्रिकेट के सबसे पुराने प्रारूप टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें नंबर पर काबिज इंग्लैंड के एलिस्टर कुक ने अपनी अंतिम पारी में शानदार शतक लगया। कुक ने ये शतक भारत के खिलाफ लंदन टेस्ट में लगाया। कुक ने अपनी अंतिम पारी में 147 रनों की बेहतरीन पारी खेली। ये कुक के टेस्ट करियर का 33वां शतक था। शथक लगाने के बाद वाले कुक ने एक भारतीय खिलाड़ी को धन्यवाद कहा है। कुक ने जिस भारतीय खिलाड़ी को शुक्रिया कहा उन्होंने उनके शतक पूरा करने में बड़ी मदद की थी।

कौन है ये भारतीय खिलाड़ी-
लंदन टेस्ट के चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद एलिस्टर कुक ने मीडिया से बात की। इस बातचीत में कुक ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को शुक्रिया कहा। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि कुक ने बुमराह को धन्यवाद कहा। बता दें कि भारत के खिलाफ सीरीज के पांचवें और अंतिम टेस्ट में सोमवार को इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान कुक जब 96 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर कुक एक रन के लिए भागे। बुमराह ने गेंद को पकडऩे के बाद ओवरथ्रो कर दिया और वह चौके के लिए बाउंड्री के लिए चली गयी। जिसके कारण कुक को पांच रन मिल गए और उन्होंने अपनी अंतिम पारी में 33वां टेस्ट शतक बनाने के साथ ही करियर के आखिरी टेस्ट को यादगार बना दिया।

पुजारा रोक लेते तो होती शर्मिंदगी-
दिन का खेल समाप्त होने के बाद कुक ने कहा कि जब मैं एक रन लेने के बाद 97 के स्कोर पर था। जैसे ही बुमराह ने ओवर थ्रो किया मैंने सोचा थोड़ा रुकता हूं, फिर मैंने रवींद्र जडेजा को आस-पास नहीं देखा। तब मैंने सोचा थोड़ा रुकता हूं। देखिए उस ओवरथ्रो ने मुझे अपना शतक पूरा नहीं कर पाने की तकलीफ से बचा लिया। कुक ने कहा कि यदि चेतेश्वर पुजारा ओवरथ्रो को रोक लेते तो उन्हें काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता क्योंकि कुक ने अपने शतक का जश्न मनाना शुरू कर दिया था।

दर्शकों का अभिवादन आश्चर्यजनक-
इंग्लिश बल्लेबाज ने कहा कि ओवरथ्रो ने मुझे नर्वस नाइन्टीज का शिकार होने से बचा लिया। बुमराह ने सीरीज के दौरान अपनी गेंदबाजी से मुझे कई बार परेशान किया है। लेकिन इस ओवरथ्रो के लिए मैं बुमराह को धन्यवाद दूंगा। इंग्लिश बल्लेबाज ने कहा जो रूट ने कुछ नहीं कहा। वह केवल मुस्कुरा रहे थे। शतक पूरा करने के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का अभिवादन आश्चर्यजनक था। शतक पूरा करने के बाद के 10 मिनट दिल को छू लेने वाले रहे। 33 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि मैं पिछले कुछ दिनों से जिस भावनात्मक दौर से गुजर रहा हूं उसका वर्णन नहीं कर सकता।

मेरी जिंदगी के सबसे यादगार दिन-
कुक ने आगे कहा कि मेरी जिंदगी में ये चार दिन सबसे यादगार दिन रहे। जब स्टेडियम में मौजूद दर्शक खड़े होकर बार्मी आर्मी गाना गा रहे थे, वह मेरे लिए बहुत ही विशेष क्षण थे। कुक ने कहा कि इस अवसर पर दोस्तों और परिजनों का मौजूद होना बहुत ही खास रहा। कुक ने कहा कि 161 टेस्ट मैच खेलने के बाद इस तरह शतक बनाकर मेरे लिए यह दिन यादगार बना दिया।



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