हिण्डौनसिटी. खरेटा रोड पर बारोलिया मैरिज होम में आयोजित राजस्थान शिक्षक संघ अम्बेडक़र के दो दिवसीय शिक्षक सम्मेलन की शुक्रवार को शुरुआत हुई। जिसमें वक्ताओं ने बदलते सामाजिक परिवेश में वर्तमान शिक्षा पद्धति में नवाचारों का समावेश करने पर जोर दिया।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर पर दीप प्रज्वलन से शुरु हुए जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन में मुख्य अतिथि दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गंगासहाय मीणा ने कहा कि भौतिकतावादी युग में शिक्षकों को शिक्षा के प्रति सावचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालयों में समता मूलक व समानता की शिक्षा देने की बात कही।
अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.) ताराचंद जाटव ने कहा कि शिक्षक समाज का आईना होता है। विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक का महत्व उसके मां-बाप से बढक़र होता है। उन्होंने कहा कि अगर विद्यालयों में समानता की शिक्षा मुहैया कराई जाए तो देश की युवा पीढ़ी मजबूत हो सकेगी।
ब्लॉक अध्यक्ष राकेश कुमार जगरिया ने शिक्षा के निजीकरण का विरोध करते हुए शिक्षकों को अपने विद्यालयों में ईमानदारी से काम करने की बात कही। सम्मलेन में शिक्षक संघ (सियाराम) के भूरसिंह यादव, रामकुमार, श्रीलाल, रामसहाय, बृजमोहन जाटव ने शिक्षक संघ अम्बेडक़र की सदस्यता ग्रहण की। अतिथियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान हरीमोहन बंशीवाल, निहालसिंह, लक्ष्मी जाटव, बबीता रानी आदि मौजूद थे।
आंगनबाड़ी केंद्र पर हुई गोदभराई,
हिण्डौनसिटी.पटोंदा के आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय पर शक्रवार को पोषण माह के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई व धात्री महिलाओं के बालकों का अन्नप्राशन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में सरपंच सरपंच शोभारानी कोली मुख्यअतिथि रहीं।
महिला एवं बालविकास विभाग की पर्यवेक्षक मंजू शर्मा ने बताया कि केन्द्र पर तीन महिलाओं की गोद भराई व दो महिलाओं के बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया। सुपरवाइजर मंजू देवी ने महिलाओं को विभाग द्वारा संचालित योजना टीकाकरण, अन्नप्राशन, प्रधन्मंत्री मातृवन्दना योजना, पोषण गर्भावस्था के दौरान खानपान के बारे में जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं को सरपंच ने पोषण की शपथ दिलाई इसके बाद जागरुकता रैली निकाली गई। इस दौरान पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, सहयोगिनी मौजूद रहीं।





No comments:
Post a Comment