बूंदी. नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रांतीय आह्वान पर जिले के शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर गुरुवार को नर्सेज सामूहिक अवकाश पर रहे। इनके अवकाश पर चले जाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ड्रेसिंग व अन्य सुविधा के लिए मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ गया। केंद्र के अनुरूप पदनाम को लेकर नर्सेज विगत चार वर्षों से आंदोलनरत है, लेकिन सरकार ने मांग पूरी नहीं की।
नैनवां. नैनवां सामुदायिक चिकित्सालय में गुरुवार को नर्सिंग कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने से व्यवस्थाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई। नर्सिग स्टॉफ सुबह आठ बजे से ही सामूहिक अवकाश पर चला गया। सिर्फ एक मात्र एनआरएचएम नर्सिंगकर्मी के भरोसे ही वार्ड की व्यवस्थाएं रही। दो बजे उसकी ड्यूटी पूरी होने के बाद रोगियों के इंजेक्शन लगाने व घायलों के पट्टी करने वाला भी कोईनहीं रहा। उधर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत गुप्ता ने बताया कि नर्सिंग स्टॉफ के सामूहिक अवकाश पर रहने से आपातकालीन व्यवस्था के तहत संविदा कर्मियों से काम लिया जा रहा है।
केशवरायपाटन. राजस्थान नर्सिंग कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वानपर गुरुवार को राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में कार्यरत सभी नर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिससे रोगियों को पर्चियां बनाने, दवा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्ड में भर्ती रोगियों को कोई संभालने वाला नहीं था। ऐसे में रोगियों की छुट्टी करनी पड़ी। ऐसे में पूरा वार्ड खाली कर दिया गया। रोगियों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ा।
स्क्रब टॉयफस का मिला रोगी
जजावर. सीसोला पंचायत के बालापुरा गांव में गुरुवार को एक किशोर को स्क्रब टॉयफस की पुष्टि हुई। इसके बाद चिकित्सा विभाग ने गांव में सर्वे करवाया। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार मोनू (17) की गांव में ही तबियत खराब हुई थी। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए कोटा ले गए। जहां चिकित्सक की ओर से करवाई गई जांच में स्क्रब टॉयफस की पुष्टि हुई। जजावर अस्पताल की एलएचवी आकांशा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद गांव में सर्वे किया गया।





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