अजमेर.
बादल शुक्रवार को भी आसमान में मंडराते रहे। छिटपुट बूदांदबांदी को छोडकऱ दिनभर धूप-छांव का दौर चला। झमाझम बरसात की आस पूरी नहीं हुई।
पिछले दो-तीन दिन से भिगोने वाली घटाएं शुक्रवार सुबह आसमान पर मंडराते दिखी। बादलों के छितराने पर धूप-छांव का दौर भी चला। काली घटाएं सिर्फ उमड़ती-घुमड़ती रही। कुछेक जगह मामूली टपका-टपकी हुई। दौराई, तबीजी, रामगंज, चंद्रवरदायी नगर, वैशाली नगर, माकड़वाली रोड, शास्त्री नगर, जयपुर रोड, पंचशील, फायसागर रोड और अन्य इलाकों में बरसात नहीं हुई। तीर्थराज पुष्कर, गगवाना, गेगल और अन्य इलाकों का भी यही हाल रहा। अधिकतम तापमान 31.0 और न्यूनतम 23.5 डिग्री रहा।
अब मानसून के 17 दिन
हर साल मानसून की सक्रियता 1 जून से 30 सितम्बर (122 दिन) तक मानी जाती है। इस लिहाज से 105 दिन बीत चुके हैं। अब मानसून के महज 17 दिन और बचे हैं। इस दौरान जिले की औसत बरसात 550 मिलीमीटर मानी जाती है। बीते छह साल में मानसून की स्थिति इस बार सबसे कमजोर है। जिले में अब तक 351.2 मिलीमीटर बरसात ही हो पाई है। कई तालाबों और बड़े बांधों में पर्याप्त पानी नहीं है।
यहां 250 कर्मचारियों ने नहीं खोला पैन
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने फाइलों पर पेन नहीं चलाया। सातवां वेतनमान नहीं मिलने के विरोध में कर्मचारियों ने पेन डाउन हड़ताल रखी। यह हड़ताल 14 सितम्बर तक जारी रहेगी। इसके चलते नियमित कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
मंत्रालयिक कर्मचारी संघ अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कार्मिकों का सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। बुधवारको सभी शैक्षिक और प्रशासनिक विभागों में कर्मचारियों ने पेन डाउन हड़ताल रखी। यह हड़ताल शुक्रवार तक जारी रहेगी। सरकार ने सातवें वेतनमान को लेकर फैसला नहीं किया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ होगी।
कामकाज हुआ प्रभावित
कर्मचारियों की पेन डाउन हड़ताल से विभागों में पत्रावलियां अटकी रही। विभिन्न विभागों में अधिकारियों ने ही पत्रावलियों पर टिप्पणी और हस्ताक्षर किए। कर्मचारियों ने पत्रावलियों पर पेन नहीं चलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष दुर्गेश भारद्वाज, प्रवक्ता गोपाराम, महासचिव डॉ. आर. के. जैन, संयुक्त सचिव सुरेंद्र कुमावत, सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष गुट्टाराम सेन और अन्य शामिल रहे।





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