बांदीकुई. शहर के मालीपुरा में रविवार सुबह चार वर्षीय बालिका के अपहरण की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस घटना से पुलिस प्रशासन की भी नींद उड़ गई। शहर के चप्पे-चप्पे पर वाहनों से एवं कॉलोनियों के प्रमुख मार्गों पर तलाशी की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद बालिका कमरे में खिड़की के समीप सोते हुए मिलने पर पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली। रविवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे माया देवी सैनी अपनी बड़ी बेटी भूमिका को नहलाकर कपड़े लेने के लिए गई। वापस आने पर चार वर्षीय छोटी बेटी रितिका उर्फ लडडू आंगन से गायब मिली। इस पर परिवारजनों ने रितिका को मकान के प्रत्येक कमरे में ढूंढा।
आस-पास स्थित टैंकर एवं कॉलोनी में जाकर लोगों से तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। तो बालिका के अपहरण की सूचना शहर में आग की तरह फैल गई। सूचना पर मय जाप्ते के पुलिस ने मौके पर पहुंच घटना का जायजा लिया। इसके बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, कॉलोनियों के प्रमुख मार्गों पर लोगों एवं पुलिस ने तलाशी अभियान भी चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। करीब साढ़े 10 बजे लोगों ने पुन: घर की तलाशी ली तो बालिका कमरे में खिड़की के समीप सोते हुए मिली। इस पर परिवारजनों के चेहरे खिल उठे। युवा नेता भागचंद टांकड़ा ने भी मौके पर पहुंच घटना की जानकारी ली। इस मौके पर रामस्वरूप सैनी, घनश्याम अवस्थी, रामसिंह यादव सहित अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे।
खुशी में बदला गमगीन माहौल
बालिका के नहीं मिलने पर मां माया देवी, पिता सर्वेश सैनी, दादा रामगोपाल सैनी एवं बालिका की बड़ी बहन भूमिका का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। एक बार तो उसकी मां बेहोंश तक हो गई। जो भी व्यक्ति घटना स्थल पहुंचा तो परिजनों की हालत देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाया। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुषों की भीड़ एकत्र हो गई, लेकिन तीन घण्टे बाद अचानक बालिका के कमरे में सोता पाए जाने पर गमगीन माहौल खुशी में बदल गया। परिजन खुशी में बालिका को चूमते दिखाई दिए। परिजनों का कहना है कि बालिका के चंचल होने से प्रत्येक व्यक्ति का लगाव है।
देखे सीसीटीवी फुटेज
कॉलोनी के लोगों ने शहर के सिकंदरा रोड, बसवा रोड एवं बडिय़ाल रोड सहित प्रमुख मार्गों पर पहुंच जिन प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, वहां फुटेज देख्ेा, लेकिन एक भी जगह ऐसा कोई संदिग्ध दिखाई नहीं दिया। करीब 50 से अधिक युवाओं ने बाइकों पर सवार होकर प्रत्येक कॉलोनी के मार्ग एवं सार्वजनिक स्थलों पर तलाश किया। वहीं पुलिस के जवानों ने भी वाहनों की नाकाबंदी कर जांच की। अपहरण की सूचना ने पुलिस की बेचेनी बढ़ा दी, लेकिन बाद में बालिका के मिलने पर राहत महसूस की।
सोशल मीडिया पर भी डाली फोटो
अपहरण की सूचना शहर में आग की तरह फैलने के साथ ही लोगों ने बालिका रितिका की फोटो सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दी। इस पर लोगों की भीड़ बढ़ती दिखाई दी। पीडि़त परिवार से भी लोग किसी रंजिश के बारे में व किसी पर शक होने को लेकर भी अलग-अलग कयास लगाते दिखाई दिए। अपहरण की सूचना रिश्तेदारों तक पहुंच गई। रिश्तेदारों का भी पीडि़त परिवार के घर पहुंचना शुरू हो गया।











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