पाली। निकासी व्यवस्था उचित नहीं होने से हल्की सी बारिश में ही शहर की सडक़ें दरिया बन जाती हैं। शहर की कई सडक़ों का कुछ ऐसा ही हाल है। बारिश के मौसम में सडक़ों से गुजरना एक चुनौती से कम नहीं है। खास बात तो ये है कि दस से 15 एमएम बारिश में भी लोगों के सामने सडक़ों का गुजरना एक संकट बन जाता है। लेकिन, नगर परिषद प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन है।
शहर की दर्जनों कॉलोनियों की सडक़ें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। बारिश के मौसम में इन क्षतिग्रस्त सडक़ों के गड्ढों में पानी जमा हो जाता है। कई दिनों तक गड्ढों में से पानी निकलता ही नहीं है। पैदल राहगीरों के साथ दुपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रात्रि के समय दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना के शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं।
सडक़ें ऐसी कि कदम-कदम पर गड्ढे
गांधी नगर क्षेत्र के साथ ही गांधी नगर से रामदेव रोड, गांधी नगर से पुनायता मार्ग, मेहन्दीवाला जाव, शिव नगर, जवाहर नगर, घरवाला जाव, महावीर नगर कच्ची बस्ती, कालूजी की बगेची, नेहरू नगर से सब्जी मंडी मार्ग, मस्तान बाबा से मंडिया रोड, हाउसिंग बोर्ड से मिल क्षेत्र, इंद्रा कॉलोनी विस्तार, विद्या नगर, नया गांव, राजेन्द्र नगर विस्तार, कॉलेज के पीछे स्थित तीन चार कॉलोनियां की सडक़ें तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। यहां की सडक़ें गड्ढो में तब्दील हो चुकी है। लेकिन, कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।
जंगीवाड़ा से तो निकल ही नहीं पाते
बारिश के दौरान जंगीवाड़ा में चार फीट तक पानी जमा हो जाता है। यहां पर पानी की निकासी नहीं होने से पानी उतरने में कई घंटे लग जाते है। बारिश में इस एरिया से तो बड़े वाहन भी नहीं निकल पाते है। अरिहंत मार्केट के बाहर तो दुपहिया वाहन चालक पानी में गिर जाते हैं।
पानी की निकासी करवाएंगे
जिन कॉलोनियों में पानी भर जाता है। वहां पर पानी की उचित निकासी करवाएंगे। कॉलोनियों की सडक़ों के गड्ढे भी जल्द ही भरवा देंगे। लोगों को बारिश के मौसम में परेशानी नहीं आने देंगे।
आशुतोष आचार्य, आयुक्त नगर परिषद पाली





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