व्यवसायी मुकेश मित्तल अपहरण काण्ड में सनसनी खेज खुलासा सामने आया है। बदमाश हरियाणा की गैंग के सम्पर्क में थे और व्यवसायी मित्तल को हरियाणा की गैंग को सौंप कर चार करोड़ रुपए की फिरोती वसूलने का प्लान था, लेकिन पुलिस की सघन नाकेबंदी को देखकर बदमाशों के हौसले पस्त हो गए। हड़बड़ाहट में बदमाश व्यापारी मुकेश मित्तल को बुधविहार इलाके में छोडकऱ भाग छूटे, लेकिन पुलिस ने नाकेबंदी कर कुछ देर बाद ही धर दबोचा। अपहरण का उद्देश्य सिर्फ मुकेश का अपहरण कर रुपए ऐंठना था।
भूपेंद्र को था पता
मुख्य सूत्रधार भूपेंद्र राजपूत को यह पता था कि रविवार को घर पर मुकेश का भाई राजेश मित्तल और मुकेश का बेटा नहीं रहता है। इसलिए भूपेंद्र ने अपहरण की वारदात को अंजाम देने का रविवार का ही दिन चुना।
मुकेश के बेटे की थी जानकारी
भूपेंद्र को मुकेश मित्तल के बेटे के बारे में सब जानकारी थी। दिल्ली में पढ़ाई करने के बाद मुकेश का बेटा ईशान वर्कशॉप का कार्य देख रहा था। भूपेंद्र को ईशान के बारे में वर्कशॉप के स्टाफ के बारे में जानकारी मिली। इस वजह से बदमाशों ने ईशान को उठाने की धमकी दी, जिससे मुकेश डर गया था और बदमाशों के साथ चला गया।
कई परीक्षाएं दे चुका था भूपेन्द्र : भूपेन्द्र कई परीक्षाएं दे चुका था। लेकिन अच्छा रोजगार नहीं मिला। हताश होकर उसने व्यापारी का अपहरण करने की ठान ली। उनके साथ पकड़े गए अन्य सभी ऐसे आरोपी हैं जिनको भी पैसे की तलाश थी। भूपेन्द्र को यह मालूम था कि इन सबको पैसों की जरूरत है। इसलिए उनको भी माइंड वॉश करने में अधिक समय नहीं लगा।
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आरोपी को दो वर्ष का कारावास
बानसूर. मुसिंफ मजिस्ट्रेट रविन्द्र प्रताप सैनी ने मंगलवार को दस साल पुराने अवैध शराब के मामले एक आरोपित को दो वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। सहायक अभियोजन अधिकारी प्रदीप बंसल ने बताया कि आरोपी परसाकाबास निवासी लम्बू राम बावरिया कब्जे से पुलिस ने 68 लीटर हथकढ़ शराब बरामद की गई थी।





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