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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने लिया संज्ञान, भूमि विकास बैंक में करोड़ों के घपले की जांच शुरू

राजसमंद. प्राथमिक भूमि विकास बैंक राजसमंद में फर्जी ऋण से करोड़ों रुपए का घपला राजस्थान पत्रिका द्वारा उजागर करने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने संज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया। प्रथम दृष्टया भूमि विकास बैंक अध्यक्ष गोविंदसिंह चौहान, तत्कालीन सचिव ओमप्रकाश मौर्य व कार्मिकों द्वारा फर्जी तरीके से करीब 40 लोगों के नाम से पांच करोड़ रुपए उठाने का घपला सामने आया है। एसीबी ने बैंक से रिकॉर्ड तलब करते हुए पीडि़त किसानों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जांच शुरू कर दी है।

राजस्थान पत्रिका के 24 सितंबर को ‘दलाल ने डकारे 38 किसानों के पौने चार करोड़...’, 25 सितंबर को ‘स्वीकृति के बिना ही दे दिया लाखों का ऋण...’ व 26 सितंबर को ‘शिकायत कर खुद फंसा ओलादर उप सरपंच...’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर भूमि विकास बैंक की अनियमितता उजागर की। इस पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने संज्ञान लेते हुए बैंक अध्यक्ष गोविंदसिंह, तत्कालीन सचिव ओमप्रकाश मौर्य, तत्कालीन शाखा सचिव/ऋण पर्यवेक्षक जगदीश पुरोहित, रामेश्वर प्रसाद रेगर, चुन्नीलाल दुदवाल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया। एसीबी ने सहकारिता विभाग की जांच तलब करते हुए करीब 38 से 41 लोगों के नाम से फर्जी ऋण उठाने की अनियमितता की जांच शुरू की गई। इसमें दलाल चौहानों का गुड़ा निवासी दलाल भैरूसिंह चौहान द्वारा एक ही जमीन पर पुराना ऋण अवधिपार होने व अन्य बैंकों में बकाया ऋण होते हुए भी भूमि विकास बैंक से फर्जी ऋण स्वीकृत करवा दिया। 38 में से 13 खातों का ऋण पर्यवेक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन ही नहीं किया गया। यही नहीं, कई ऋण आवेदन अधूरे होने, दस्तावेज नहीं होने व नाबार्ड व बैंक नियमावली की पालना नहीं करने पर बिना स्वीकृति के ही करोड़ों रुपए का ऋण उठा लिया। इसके तहत 38 किसानों के नाम से 4.43 करोड़ एवं दलाल ने स्वयं, पिता व बुआ के नाम से करीब एक करोड़ रुपए उठा लिए। इसके तहत प्रथम दृष्टया साढ़े पांच करोड़ की अनियमितता सामने आई है, जिसकी विस्तृत जांच एसीबी द्वारा शुरू कर दी गई है।

स्वरोजगार के बहाने कंगाल किसान
आधुनिक तकनीक से कृषि, उपज बढ़ाने, भूमि समतलीकरण के अलावा स्वरोजगार के लिए टेंट हाउस, तेल गाणा, फर्नीचर शॉप, रेडिमेट वस्त्र, मीनाकारी कार्य व इलेक्ट्रोनिक दुकान के लिए भूमि विकास बैंक से ऋण उठाए गए। इसके तहत न तो भूमि समतलीकरण, कृषि उत्थान के कार्य हुए और न ही लोगों को स्वरोजगार मिल पाया। उनके नाम से दलाल व बैंक कार्मिकों द्वारा ऋण उठाने से वे कंगाल हो गए।

प्रकरण दर्ज, जांच शुरू
कृषि विकास व स्वरोजगार के बहाने फर्जी ऋण उठाने पर भूमि विकास बैंक राजसमंद अध्यक्ष, तत्कालीन सचिव व कार्मिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया। विभागीय जांच के अलावा एसीबी द्वारा समग्र पहलुओं से विस्तृत जांच की जाएगी। उसी आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।
राजेश चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद



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